Skanda Sashti 2026: स्कंद षष्ठी पर भूलकर भी न छोड़ें इस मंत्र का जाप, मिलेगा संतान और सफलता का वरदान!

Written By: Neha Awasthi Updated by: Neha Awasthi
Updated Date:February 22, 2026 11:51 AM IST

ये पर्व केवल व्रत रखने का नहीं, बल्कि आत्मशक्ति को जागृत करने का अवसर है. भगवान स्कंद की उपासना से साहस, संतुलन और सकारात्मक सोच का विकास होता है.यदि आप जीवन में नई शुरुआत या संतान-सुख की कामना कर रहे हैं, तो इस षष्ठी पर इन मंत्र का जाप अवश्य करें.

Skanda Sashti 2026 का पर्व भगवान कार्तिकेय (स्कंद/मुरुगन) की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.पौराणिक मान्यता है कि षष्ठी तिथि पर ही देवसेना के सेनापति स्कंद ने असुरों पर विजय प्राप्त की थी. इसलिए इस दिन किया गया व्रत, मंत्र-जाप और आरती जीवन की बाधाओं को दूर कर संतान सुख, साहस और सफलता का आशीर्वाद देता है.

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क्यों खास है स्कंद षष्ठी?

दक्षिण भारत में इस पर्व पर भगवान कार्तिकेय को मुरुगन के रूप में अत्यंत भक्ति भाव से पूजा जाता है. मान्यता है कि जो दंपति संतान की इच्छा रखते हैं या जिनके कार्य बार-बार अटक रहे हों, वे इस दिन विशेष मंत्र-जाप करें तो उन्हें शीघ्र फल प्राप्त होता है. स्कंद षष्ठी का व्रत आत्मबल, विजय और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.

वो चमत्कारी मंत्र जिसका जप नहीं छोड़ना चाहिए

ॐ षण्मुखाय नमः

ॐ स्कन्दाय नमः

ॐ सरवनभवाय नमः

ॐ तत्पुरुषाय विधमहे: महा सैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यात:

ॐ शारवाना-भावाया नमः

ॐ ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरा देवसेना मनः काँता कार्तिकेया नामोस्तुते

ॐ सुब्रहमणयाया नमः

इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना गया है मान्यता है कि “ॐ सरवनभवाय नमः” का जप संतान प्राप्ति और पारिवारिक सुख के लिए विशेष फलदायी होता है, वहीं “ॐ षण्मुखाय नमः” साहस और करियर में सफलता दिलाने वाला मंत्र माना जाता है.

कार्तिकेय जी की आरती

जय जय आरती वेणु गोपाला

वेणु गोपाला वेणु लोला

पाप विदुरा नवनीत चोरा

जय जय आरती वेंकटरमणा

वेंकटरमणा संकटहरणा

सीता राम राधे श्याम

जय जय आरती गौरी मनोहर

गौरी मनोहर भवानी शंकर

सदाशिव उमा महेश्वर

जय जय आरती राज राजेश्वरि

राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि

महा सरस्वती महा लक्ष्मी

महा काली महा लक्ष्मी

जय जय आरती आन्जनेय

आन्जनेय हनुमन्ता

जय जय आरति दत्तात्रेय

दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार

जय जय आरती सिद्धि विनायक

सिद्धि विनायक श्री गणेश

जय जय आरती सुब्रह्मण्य

सुब्रह्मण्य कार्तिकेय

स्कंद षष्ठी पर पूजा की सरल विधि

  • प्रातः स्नान कर पीले या लाल वस्त्र धारण करें.
  • भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं.
  • लाल फूल, चंदन और नैवेद्य अर्पित करें.
  • उपरोक्त मंत्रों का श्रद्धा से जाप करें.
  • अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
  • अगर संभव हो तो मोर पंख अर्पित करना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि मोर भगवान स्कंद का वाहन है.

किन लोगों को अवश्य करना चाहिए यह जाप?

  • जिन दंपतियों को संतान सुख में बाधा हो.
  • जिनके कार्यों में बार-बार रुकावट आती हो.
  • प्रतियोगी परीक्षा या नौकरी में सफलता की चाह रखने वाले.
  • जिनके जीवन में भय या आत्मविश्वास की कमी हो.

धार्मिक मान्यता के अनुसार सच्चे मन से किया गया मंत्र-जाप नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर मनोबल बढ़ाता है. हालांकि इसे आस्था और श्रद्धा के साथ करना ही सर्वोत्तम माना गया है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्टकी सलाह अवश्य लें.

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