
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Paush Month 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार 5 दिसंबर 2025, शुक्रवार से पौष माह शुरू हो गया है जो कि हिंदी कैलेंडर का दसवां महीना है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व माना गया है. पौष माह के दौरान ही खरमास भी आता है और ऐसे में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. पौष माह को धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना गया है और इसे छोटा पितृ पक्ष भी कहते हैं. क्योंकि पौष महीने में पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष का भी प्रभाव कम होता है. इसके साथ शनि दोष से भी छुटकारा मिलता है. आइए जानते हैं कि पौष माह में तर्पण के लिए कौन-सी तिथियां खास होती हैं.
पौष माह में चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में होता है और पुष्य नक्षत्र की वजह से ही पौष मास नाम दिया गया है. इस दौरान शुभ या मांगलिक कार्य जैसे कि शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या मुंडन नहीं किए जाते. पौष माह में पितरों का तर्पण करना फलदायी माना गया है और कहते हैं कि इस दौरान यदि विधि-विधान से श्राद्ध कर्म या तर्पण आदि किया जाए तो पितर प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद बरसाते हं.
धनु संक्रांति: वैदिक पंचांग के अनुसार जब सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे धनु संक्रांति कहा जाता है और इसी दिन से खरमास शुरू होता है. इस साल खरमास 16 दिसंबर 2025 को शुरू होगा. धनु संक्रांति के दिन पितरों का तर्पण करना बहुत ही शुभ व फलदायी माना गया है. इस दिन पितरों का तर्पण करने के साथ ही गरीबों को तिल, गुड़, कंबल या अनाज का दान अवश्य करना चाहिए.
पौष अमावस्या: पौष माह की अमावस्या तिथि को पौष अमावस्या कहते हैं और पितरों का श्राद्ध कर्म करने के लिए यह तिथि बहुत ही खास होती है. इस दिन विधि-विधान से पितरों का तर्पण करें. इससे पितर प्रसन्न होंगे और घर में सुख-समृद्धि आएगी.
शनिवार का दिन: पौष माह में आने वाले प्रत्येक शनिवार का दिन भी पितरों का तर्पण करने के लिए खास होता है. इस दिन पितरों का तर्पण करने के साथ ही शनिदेव का भी पूजन करें. इससे शनि दोष का भी प्रभाव कम होगा. इस काले कुत्ते को रोटी खिलाना बहुत ही शुभ माना गया है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Astrology की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.