नई दिल्लीः साल का तीसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) 26 दिसंबर को लगने वाला है. जो सुबह 8 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा और 9 बजकर 24 मिनट पर चंद्रमा सूर्य को किनारे से ढकना शुरू कर देगा. यह आंशिक सूर्यग्रहण होगा, जो कि 9 बजकर 26 मिनट पर पूर्ण रूप से दिखाई देगा और 11 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगा. बता दें सूर्य ग्रहण को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमृत मंथन के दौरान अमृत को लेकर देवताओं और दानवों के बीच जब लड़ाई चल रही थी तब भगवान विष्णु ने मोहनी का रुप लेकर देवताओं और दानवों को अलग-अलग बैठा दिया था. लेकिन, तभी कुछ दानवों ने देवताओं का रूप लिया और उनकी लाइन में आकर बैठ गए. दानवों की इस पूरी हरकत को सूर्य और चंद्रमा ने देखा तो इसकी जानकारी भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से दानवों का सिर धड़ से अलग कर दिया.

अमृत पी लेने की वजह से दानव तो बच गए, लेकिन उनका सिर उनके धड़ से अलग हो गया. इसके बाद से सिर वाले हिस्से को राहु और धड़ वाले हिस्से को केतु कहते हैं. ऐसा कहा जाता है कि राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना दुश्मन मानते हैं. इसलिए पूर्णिमा और अमावस्या पर सूर्य और चंद्रमा का ग्रास कर लेते हैं, जिसे सूर्य या चंद्र ग्रहण कहते हैं.

कहां देखा जा सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
साल के तीसरे और अंतिम सूर्य ग्रहण को उत्तरी-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका और पूर्वी यूरोप और एशिया में दिखाई देगा.

सूर्य ग्रहण का समय
आंशिक सूर्यग्रहण सुबह करीब 8.04 मिनट से शुरू होगा. इसके बाद 9 बजकर 24 मिनट पर चंद्रमा सूर्य के किनारे को ढकना शुरु कर देगा. इसके बाद कहीं जाकर 9.26 मिनट पर पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देगा. यह ग्रहण 11 बजकर 5 मिनट पर ये खत्म होगा.