नई दिल्ली: 5 जून को चंद्र ग्रहण लगने के बाद अब 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा. धार्मिक दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बता दें कि यह ग्रहण, चंद्र ग्रहण के ठीक 16 दिन बाद लग रहा है इसलिए इसमें सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल की अवधि 12 घंटे पहले से लग जाएगी. 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा. वलयाकार उस स्थिति को कहते हैं जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को नही ढक पाएगा. मतलब चंद्रमा, सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चन्द्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है.Also Read - Surya Grahan 2020: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जानें इसके बारे में सबकुछ; सूतक काल से लेकर...

क्या होता है सूर्य ग्रहण Also Read - Surya Grahan 2020 Yoga: इस सूर्य ग्रहण पर बनने जा रहा है बेहद खतरनाक योग, ये राशि वाले लोग रहे सावधान

भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढक जाता है, उसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है. पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चाँद पृथ्वी की. कभी-कभी चाँद, सूरज और धरती के बीच आ जाता है. फिर वह सूरज की कुछ या सारी रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर साया फैल जाता है. इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है. Also Read - Surya Grahan 2020 Effects On Rashifal: इन राशियों पर पड़ेगा सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा असर

सूर्य ग्रहण का स्थानीय समय (Solar Eclipse June 2020 Timing)
सूर्य ग्रहण का समय शुरू- 10.20 AM
परमग्रास सूर्य ग्रहण- 12:02 PM
ग्रहण समाप्ति काल – 01: 49 PM

कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण भारत, नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूऐई, एथोपिया तथा कोंगों में दिखाई देगा. देहरादून, सिरसा तथा टिहरी कुछ प्रसिद्ध शहर हैं जहाँ पर वलयाकार सूर्यग्रहण दिखाई देगा. नई दिल्ली, चंडीगढ़, मुम्बई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलौर, लखनऊ, चेन्नई, शिमला, रियाद, अबू धाबी, कराची, बैंकाक तथा काठमांडू आदि कुछ प्रसिद्ध शहर हैं जहाँ से आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा.

यहां नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के देशों और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के अधिकांश हिस्सों से दिखाई नहीं देगा. इनके अतिरिक्त यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, जर्मनी, स्पेन और कुछ अन्य यूरोपीय महाद्वीप के देशों से सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा.