नई दिल्‍ली: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में हर साल लगने वाला अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला इस बार एक फरवरी से शुरू हो रहा है, जो कि 15 फरवरी तक चलेगा. 33वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र का रायगढ़ किला और आस्ट्रेलिया का स्टाल होगा. आस्ट्रेलिया सहित 32 देश इस बार भाग ले रहे हैं, जिनमें कई पहली बार आएंगे. हर साल की तरह इस साल भी यह मेला धमाकेदार तरीके से शुरू होने जा रहा है. मेले में युवाओं की रुचि को देखते हुए सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं. पार्किंग का भी विशेष बंदोबस्त किया गया है.

33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला एक सांस्कृतिक मेला है जिसमें देश भर की संस्कृति, ट्रेडिशन, खान-पान और विभिन्न कलाओं को शामिल किया जाता है. यहां देश-विदेश सभी जगहों से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. इस बार मेला 1 फरवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा. यह मेला सूरजकुंड मेला अथॉरिटी, हरियाणा टूरिज्म और टेक्स्टाइल, पर्यटन, कल्चर एंड एक्सटर्नल अफेयर्स मंत्रालय तीनों द्वारा मिलकर आयोजित किया जाता है. मेले में हर दिन भारत के किसी ना किसी ट्रेडिशन और कलाओं को प्रदर्शित किया जाता है. यह मेला पर्यटकों के लिए सुबह 10 बजे से शुरू होकर रात 7 बजे तक खुला रहता है.

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सूरजकुंड मेले की थीम
33 वें सूरजकुंड मेला 2019 के लिए थीम राज्य महाराष्ट्र है. महाराष्ट्र में रायगढ़ किला पश्चिमी भारत का ऐतिहासिक टूरिस्ट क्षेत्र है. ये किला मराठा साम्राज्य की एक खास पहचान लिए हुए है. छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक इसी किले पर हुआ था. महान मराठा राजा शिवाजी ने 1674 ईस्वी में इसे अपनी राजधानी बनाया था और यहीं उन्होंने 1680 में अपने प्राण त्यागे थे. यूं तो रायगढ़ किला गंगा सागर झील है. मेले में इसे पहाड़ी पर और कृत्रिम झील बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है. मेला परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लगाया जाएगा. पहाड़ी की चोटी पर चढ़कर ना सिर्फ आप खूबसूरत मेले के विहंगम दृश्य का दीदार कर सकेंगे, बल्कि मेले में तैयार किए जा रहे खास किले के साथ खूबसूरत सेल्फी भी ले सकेंगे. मेला परिसर में की पहाड़ी पर इस बार दर्शकों के लिए सीढ़ियां तैयार की गई हैं.

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50 फीट की ऊंचाई से निहारे मेले की खूबसूरती
मेला परिसर में मीडिया सेंटर के पीछे बनाया गया रायगढ़ किला: चारमीनार प्रवेश द्वार से आने वालों के लिए मेला परिसर में मीडिया सेंटर से नीचे की ओर जाने पर बाएं हाथ पर मौजूद पहाड़ी पर रायगढ़ किला तैयार किया गया है. महाराष्ट्र की पहचान लिए ये किला इस बार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा. इस किले तक पहुंचने के लिए बकायदा पहाड़ी पर सीढ़ियां तैयार की गई है. दर्शकों इन्हीं सीढ़ियों से होकर किले तक पहुंचेंगे. साथ ही करीब 50 फीट ऊंचाईं से मेले की खूबसूरती निहार सकेंगे.

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मेले में कितने का होगा टिकट
इस बार के सूरजकुंड मेले की टिकट का रेट इस प्रकार है – वीकडेज यानी सोमवार से शुक्रवार तक की टिकट का दाम 120 रुपये है और वीकेंड यानी शनिवार-रविवार को यह टिकट 180 रुपये में मिलेगी. टिकट मेले के टिकट काउंटर के अलावा ऑनलाइन माध्यम in.bookmyshow.com से भी मिलती है. पिछली बार कुछ वर्गों के लिए मेले में फ्री एंट्री थी जिसमें शहीद हुए सैनिकों की पत्नियां और उनके परिजन शामिल थे. इसके अलावा दिव्यांगो को 50 फीसदी की छूट दी गई थी. संभव है इस बार भी यह नियम लागू होगा.

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