सर्वार्थ सिद्धि योग में हुआ सुवेंदु अधिकारी का राजतिलक...शनि का प्रभाव तय करेगा सत्ता की स्थिरता, ज्योतिषाचार्य ने कही ये बड़ी बात
West Bengal CM Suvendu Adhikari:आज यानि 9 मई का दिन बंगाल की सत्ता के लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि आज सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है.
CM Suvendu Adhikari
West Bengal CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में राजनीति के नए युग की शुरुआत हो गई है और पहली बार बीजेपी के हाथ में बंगाल की सत्ता होगी. आज बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण कर ली है. सुवेंदु अधिकारी ने जिस मुहूर्त में शपथ ग्रहण की वह बहुत ही मायने रखता है क्योंकि मुहूर्त का असर जीवन पर भी पड़ता है. आज शपथ ग्रहण 11 बजे हुआ और इस समय सर्वार्थ सिद्धि योग चल रहा है और आज शनिवार का दिन है जो कि ज्योतिषीय लिहाज से बेहद ही खास माना जा रहा है. मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी के लिए सत्ता संभालना कितना चुनौतीपूर्ण रहेगा? आइए जानते हैं कि इस बारे में क्या कहते हैं ज्योतिषी और धर्म गुरु पंडित ज्ञानेश जी.
सर्वार्थ सिद्धि योग और शनि का प्रभाव
आज यानि 9 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 24 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 24 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा. जिसे शुभ योग माना जाता है. इसके अलावा आज शनिवार का दिन है जो कि कर्मों के देवता शनिदेव को समर्पित है. सर्वार्थ सिद्धि योग और शनि का योग सुवेंदु अधिकारी के लिए शुभ होने के साथ चुनौतियों से भरा भी हो सकता है.
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कांटों भरा हो सकता है ताज!
ज्योतिषी एवं धर्मगुरु पंडित ज्ञानेश जी का कहना है कि सुवेंदु अधिकारी के लिए पश्चिम बंगाल में शासन करना साधारण नहीं होगा और उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. उनके नाम के आधार से उनकी राशि कुंभ है और अभी कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती का प्रकोप चल रहा है. ऐसे में सुवेंदु अधिकारी के लिए मुख्यमंत्री का ताज कांटों भरा हो सकता है.
शनिवार के दिन शनि के शासन में शपथ ग्रहण करना स्थिर और लंबी चलने वाली सत्ता का संकेत है. लेकिन कुंभ राशि पर चल रही साढ़ेसाती सत्ता में कई बाधाएं पैदा कर सकती है. बता दें कि जब कुंडली में शनि दोष होता है तो कामों में बाधाएं उत्पन्न होती हैं. लेकिन कुछ उपायों के माध्यम से शनि दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है. ऐसे में शनिदेव का पूजन करना और शनिवार के दिन दान करना बहुत ही फलदायी माना जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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