Swami Vivekananda Jayanti 2021 Quotes: स्वामी विवेकानन्द  (Swami Vivekananda ) वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे. उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था. उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था. भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदांत (वेदान्त) दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा. उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है. वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे. Also Read - Yuva Sansad महोत्सव में बोले पीएम नरेंद्र मोदी- वंशवाद देश के लिए खतरा, युवा करें इसका खात्मा

कलकत्ता के एक कुलीन बंगाली कायस्थपरिवार में जन्मे विवेकानंद आध्यात्मिकता की ओर झुके हुए थे. वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे जिनसे उन्होंने सीखा कि सारे जीवो मे स्वयं परमात्मा का ही अस्तित्व हैं; इसलिए मानव जाति अथेअथ जो मनुष्य दूसरे जरूरत मंदो मदद करता है या सेवा द्वारा परमात्मा की भी सेवा की जा सकती है. रामकृष्ण की मृत्यु के बाद विवेकानंद ने बड़े पैमाने पर भारतीय उपमहाद्वीप का दौरा किया और ब्रिटिश भारत में मौजूदा स्थितियों का प्रत्यक्ष ज्ञान हासिल किया. इस साल स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 4 फरवरी 2021 को मनाई जा रही है. स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर आइए उनके कुछ बेहतरीन कोट्स  (Swami Vivekananda Jayanti 2021 Quotes) पर नजर डालते हैं- Also Read - Vivekananda Birth Anniversary: आखिर क्यों विश्व धर्म सम्मेलन में पहुंचे थे स्वामी विवेकानंद, पढ़ें रोचक कहानी

– जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी- स्वामी विवेकानंद Also Read - Swami Vivekananda Jayanti 2021 Quotes: जिंदगी जीने का नजरिया बदल देंगे स्वामी विवेकानंद जी के ये अनमोल विचार

– उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता- स्वामी विवेकानंद

– भय ही पतन और पाप का मुख्य कारण है- स्वामी विवेकानंद

– एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरा आत्म उसमें डाल दो और बाकी सबकुछ भूल जाओ.- स्वामी विवेकानंद

– जिस दिन आपके सामने समस्या न आए आप यकीन कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं.

– उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक अपने लक्ष्य को न पा लो.

– “जब तक जीना, तब तक सीखना” – अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं.