Temples New Rules: देश भर में मंदिर खुल रहे हैं. लोग अब जाकर देवी-देवताओं के दर्शन कर सकते हैं. पर पांच महीने बाद खुल रहे मंदिरों में कई नियमों का पालन अनिवार्य है. Also Read - केंद्र का प्रस्ताव : 15 दिनों के भीतर लौटाया जाए लॉकडाउन के दौरान बुक फ्लाइट टिकटों का पूरा पैसा

हालांकि राज्य अनुसार हर मंदिर के नियम कुछ अलग हो सकते हैं, पर कोरोना के मद्देनजर कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन अनिवार्य है. Also Read - खुशखबरी: भक्तों के लिए खोला गया ये प्रख्यात सूर्य मंदिर, जानें कैसे करें दर्शन

इसलिए ये बेहद आवश्यक है कि जब भी आप किसी मंदिर जाएं तो पहले इन नियमों के बारे में जान लें और ये सुनिश्चित करें कि इनका पालन हो. Also Read - Total Lockdown in West Bengal: संपूर्ण लॉकडान के चलते इन दो दिन कोलकाता से नहीं होगा उड़ानों का संचालन

– सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि गृह विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, मंदिर की घंटियां बजाने, धार्मिक स्थलों पर फूल, पंखुड़ियों, माला, प्रसाद और पूजा की अन्य सामग्री के चढ़ाने पर फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध है.

– धार्मिक स्थल के पवित्र परिसर में प्रवेश और निकास मार्गो पर भक्तों की केवल एक कतार होगी.

– मंदिर की परिधि में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए भक्तों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.

– भक्त देवी/देवताओं की मूर्तियों से कुछ तय दूरी पर रहकर प्रार्थना कर सकते हैं.

– मास्क पहनना अनिवार्य है.

– सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित है.

राजस्थान में मंदिर
अशोक गहलोत सरकार ने 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या के साथ कुछ धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन महामारी के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े धार्मिक स्थल बंद रहे. जहां 7 सितंबर से बड़े मंदिरों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है, उनकी प्रबंधन समितियों को भक्तों के लिए परिसर को फिर से खोलने पर अंतिम फैसला करने का अधिकार है. अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान सरकार उनके फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी.