The History of Christmas Tree: कैसे शुरू हुआ क्रिसमस ट्री सजाने का चलन? जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

क्रिसमस डे का सेलिब्रेशन शुरू हो गया है. ये हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं. इस दिन को खास बनाने के लिए क्रिसमस ट्री, केक, केंडल्स के साथ सभी हर्ष और उल्लास से इस त्योहार को मनाते हैं.

Published date india.com Published: December 23, 2023 6:29 PM IST
The History of Christmas Tree: कैसे शुरू हुआ क्रिसमस ट्री सजाने का चलन? जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

क्रिसमस दुनियाभर में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लोग एक दूसरे को मैरी क्रिसमस कहकर बधाई देते हैं. इस अवसर पर क्रिसमस ट्री को विशेष तौर पर फूल, गिफ्ट, खिलौने, घंटिया, रंग-बिरंगी रोशनी के साथ सजाया जाता है. इसे ईश्‍वरीय पौधा माना जाता है. लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्रिसमस पर क्यों सजाया जाता है क्रिसमस ट्री? आइये जानते हैं..

क्रिसमस ट्री को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. एक मान्यता के अनुसार, 16वीं सदी के ईसाई धर्म सुधारक मार्टिन लूथर एक बार बर्फीले जंगल से गुजर रहे थे. वहां उन्‍होंने सदाबहार फर (सनोबर) का पेड़ देखा. पेड़ की डालियां चांद की रोशनी में चमक रही थीं और इससे प्रभावित होकर उन्होंने अपने घर में भी पेड़ लगा लिया. 25 दिसंबर की रात को उन्‍होंने इसे छोटे-छोटे कैंडल और गुब्‍बारों से सजाया. ये इतना खूबसूरत लग रहा था कि लोगों ने भी इसे घर में लगाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे हर साल 25 दिसबंर के दिन इस पेड़ को सजाने का चलन शुरू हो गया.

क्रिसमस ट्री से जुड़ी एक मान्‍यता 722 ईसवी की बताई जाती है. कहा जाता है कि क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा सबसे पहले जर्मनी से शुरू हुई. इसे लोकप्रिय बनाने का श्रेय धर्म प्रचारक सेंट बोनिफेस को जाता है. एक समय की बात है, बोनिफेस को पता चला कि कुछ लोग एक विशाल ओक के पेड़ के नीचे किसी बच्चे की कुर्बानी देंगे. बच्चे को बचाने के लिए सेंट बोनिफेस ने उस पेड़ को ही काट डाला और उस जगह फर (सनोबर) का पेड़ लगा दिया. लोग इसे दैवीय वृक्ष मानने लगें. हर साल ईसा के जन्मदिन पर इसे सजाने लगे. धीरे-धीरे यह परंपरा दूसरे देशों में पहुंची. 19वीं शताब्‍दी में इसका चलन इंग्‍लैंड में भी शुरू हुआ और अब दुनियाभर में इसे बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

कई लोग क्रिसमस ट्री का संबन्‍ध ईसा मसीह के जन्म से भी मानते हैं. कहा जाता है कि ईसा मसीह के जन्म पर उनके माता-पिता मरियम और जोसेफ को स्वर्ग से देवदूत भी बधाई देने आए थे. उस समय देवदूतों ने सितारों से रोशन सदाबहार फर ट्री उन्हें भेंट किया था. इसके बाद हर साल ईसा मसीह के जन्‍मदिन पर इसे सजाने का चलन शुरू हो गया. पहले लोग फर का पेड़ घर में लगाकर सजाते थे. अब आर्टिफिशियल क्रिसमस ट्री को घर में सजाते हैं.

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