गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है. ऐसी मान्यता है कि गुरुवार की पूजा करने वाले लोगों को शत्रु कभी पराजित नहीं कर पाते और वह धन धान्य से बढ़ते चले जाते हैं. महिलाओं का सौभाग्य और सुहाग बना रहता है. Also Read - Thursday Fast: गुरुवार व्रत से दूर होता है नौकरी-करियर का हर संकट, जानें विधि, व्रत कथा

गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा का भी खास महत्व है. खासतौर से जो लोग गुरुवार का व्रत रखते हैं, वे केले के पेड़ को जल अर्पित करते हैं और दीया जलाकर उसकी पूजा अर्चना करते हैं. Also Read - Thursday Fast: गुरुवार व्रत पर विनायक चतुर्थी का शुभ योग, आज जपें भगवान विष्‍णु-गणेश के ये शक्तिशाली मंत्र

दरअसल यह माना जाता है कि केले के वृक्ष में साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है. गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा विधि-विधान और श्रृद्धा के साथ करने वाले जातकों पर भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख समृद्धि और शांति का वरदान देते हैं. केले के वृक्ष को शुभ और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है. Also Read - गुरुवार को करें इस पेड़ की पूजा, दूर हो जाएंगे सभी कष्‍ट...

गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और ऐसे लोगों की शादी में कोई रुकावट नहीं आती. उन्हें अच्छा जीवनसाथी प्राप्त होता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. घर में आर्थिक सम्पन्नता भी आती है.

पंडित विनोद मिश्र के अनुसार हिन्दू धर्म में केले के पेड़ का खास महत्व है. इसे सबसे शुभ पेड़ों में से एक माना गया है. इसलिए खासतौर से हरि की पूजा में इसका इस्तेमाल जरूर होता है. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को केला चढ़ाने से घर में सुख व समृद्धि आती है. वैवाहिक जीवन सुखी होता है. यदि कोई व्यक्ति मांगलिक दोष से पीड़ित है तो ऐसे व्यक्ति की अगर केले के पेड़ से शादी करा दी जाए तो उसका मांगलिक दोष खत्म हो जाएगा.

केले के पेड़ का हर एक हिस्सा उपयोगी होता है. जड़, तना, पत्तियां और फल. हर एक हिस्से से केले का पेड़ बहुत उपयोगी है. यहां तक कि यदि आपको पुखराज रत्न धारण करना है और ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो केले की जड़ पहन लें. पुखराज से जितना लाभ होगा, उतना ही केले के जड़ से भी होगा.

ऐसे करें पूजा:

– सुबह-सुबह मौन व्रत का पालन कर स्नान करें. इसके बाद केले के वृक्ष को प्रणाम कर जल चढ़ाएं.
– इस बात का ध्यान रखें कि घर की आंगन में यदि केले का वृक्ष लगा है तो उस पर जल ना चढ़ाएं. बाहर के केले के वृक्ष को जल चढ़ाएं.

– केले के वृक्ष पर हल्दी की गांठ, चने की दाल और गुड़ केल को अर्पित करें.

– अक्षत, पुष्प आदि चढ़ाएं और केले के पेड़ की परिक्रमा करें.