लखनऊ/देहरादून: क्‍या आप रहस्‍य, रोमांच और हिमालय की नैसर्गिक सुंदरता को करीब से निहारना चाहते हैं. यदि आपका जवाब हां है तो फिर देर किस बात की. फौरन प्‍लानिंग कीजिए, क्‍योंकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क एवं अन्य ट्रैक रूटों पर ट्रैकिंग, पर्वतारोहण गतिविधियां इस साल तय समय से 15 दिन पहले यानी एक अप्रैल से शुरू होने जा रही हैं. इसके ट्रैकिंग रास्ते के पेड़-पौधे, जीव-जन्तु एवं नयनाभिराम दृश्य सभी की थकान हर लेते हैं. यहां पर जाने वाला व्यक्ति सब कुछ भूलकर अपने आप को प्रकृति की गोद में बैठा हुआ पाता है. ट्रैकिंग के बाद व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है और उसे आत्मसंतोष की अनुभूति भी होती है.

इन स्‍थानों पर जा सकते हैं आप
गंगा का उद्गम स्थल गोमुख गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में पड़ता है. गोमुख गंगोत्री से 18 किलोमीटर की दूरी पर है. गोमुख के निकटवर्ती क्षेत्र में तपोवन, नंदनवन, कालिंदीपास के साथ शिवलिंग, भागीरथी प्रथम, द्वितीय, तृतीय सहित कई चोटियां हैं. यहां पर गंगोत्री नेशनल पार्क से अनुमति लेने के बाद आप जा सकते हैं.

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एक अप्रैल से शुरू हो रही ट्रैकिंग
बता दें कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क एवं अन्य ट्रैक रूटों पर ट्रेकिंग, पर्वतारोहण गतिविधियां इस वर्ष तय समय से पन्द्रह दिन पहले एक अप्रैल से शुरू हो जायेगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उत्‍तरकाशी जिले की माउंटेनियरिंग और ट्रैकिंग एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से ट्रेकिंग सीजन की समय सीमा बढ़ाये जाने की मांग पर कार्यवाही करते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने एक अप्रैल से गंगोत्री पार्क और ट्रैक रूटों को 15 दिन पहले खोलने की अनुमति दे दी. हालांकि, यह सुविधा अभी पंजीकृत एजेंसियों के साथ जाने वाले पर्यटकों को ही दी जायेगी. अन्य पर्यटक 15 अप्रैल से ही पार्क का दीदार कर पाएंगे.

हर साल आते हैं इतने पर्यटक
वहीं गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि गत वर्ष 17,108 पर्यटक गंगोत्री नेशनल पार्क का दीदार करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि इस वर्ष तय समय से पूर्व गंगोत्री पार्क खुल जाने से पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा.

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गोमुख ट्रैकिंग सबसे महत्‍वपूर्ण
गोमुख ट्रैकिंग सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय है. जो कि गंगोत्री से शुरू होता है और 22 किलोमीटर का सफर तय करते हुए गोमुख तक पहुंचता हैं. कभी-कभी, ट्रैकर्स यहां पड़ाव भी करते हैं. भुजबासा यहां से 4 किमी. की दूरी पर स्थित है. पर्यटक यहां आकर गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड के बंगले पर एक रात के लिए ठहर भी सकते हैं. यहां से 5 किमी. ट्रैकिंग के बाद, ट्रैकर्स गोमुख पहुंच जाते हैं जहां बर्फ से ढकी चोटियों वाली पहाड़ियां, पर्यटक का स्‍वागत करती हैं. तपोवन और नंदनवन के लिए ट्रैकिंग का रास्‍ता भी गोमुख से शुरू होता है. भोजबासा के बाद, बड़े-बड़े पत्‍थरों और भूस्‍खलन के कारण मार्ग अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण हो जाता है. इसीलिए, पर्यटकों को अपने साथ गाइड लाने की सलाह दी जाती है. तपोवन से चढ़ाई करने के बाद भी चढ़ाई की कठिनाईयों में कमी नहीं आती और पर्यटकों को 70 डिग्री से कोण पर दो किमी. तक चढ़ना होता है जो 1500 फीट की ऊंचाई पर की जाती है. इसीलिए, गोमुख की यात्रा ट्रैकर्स के लिए चुनौतीपूर्ण अनुभव होती है.