नई दिल्‍ली: तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और लोग इसे अपने घर के आंगन या दरवाजे पर या बाग में लगाते हैं. भारतीय संस्कृति के चिर पुरातन ग्रंथ वेदों में भी तुलसी के गुणों एवं उसकी उपयोगिता का वर्णन मिलता है. इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है. घर में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है. लेकिन आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे के साथ क्‍या-क्‍या सावधानियां रखनी चाहिए. अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो लक्ष्‍मी जी रूठ जाएगीं और घर में दरिद्रता आती है.

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घर में तुलसी का पौधा है तो इन बातों का ध्‍यान रखना चाहिए:-
1. यदि तुलसी का पौधा सूख जाए तो तुरंत ही दूसरा पौधा लगा लें और सूखे हुए पौधे को जलाएं या फेकें नहीं बल्कि मिट्टी में दबा दें.
2. बिना किसी वजह तुलसी के पत्ते कभी ना तोड़े. पूजा या खाने के लिए सिर्फ दिन के समय तुलसी तोड़ें.
3. एकादशी, रविवार और ग्रहण के समय तुलसी का तोड़ना अशुभ माना जाता है.
4. हर शाम तुलसी के पास घी या सरसों तेल का दीपक जलाकर रखें. ऐसा करने से भगवान खुश होते हैं.
5. तुलसी की पत्तियां कभी भी पैरों के नीचे नहीं आनी चाहिए. गिरी हुई तुलसी के पत्तों को हाथ से उठाकर मिट्टी में दबा दें.

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तुलसी का महत्व
भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है, धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है. आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है. तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है. इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. मृत्यु के समय व्यक्ति के गले में कफ जमा हो जाने के कारण श्वसन क्रिया एवम बोलने में रुकावट आ जाती है. तुलसी के पत्तों के रस में कफ फाड़ने का विशेष गुण होता है इसलिए शैया पर लेटे व्यक्ति को यदि तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस पिला दिया जाये तो व्यक्ति के मुख से आवाज निकल सकती है.

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