Utpanna Ekadashi 2018: आज उत्पन्ना एकादशी है. आज के दिन ही एकादशी प्रकट हुई थीं. इसलिए एकादशी व्रत करने का सिलसिला आज के दिन से ही शुरू होता है.

उत्पन्ना एकादशी अगहन या मार्गशीर्ष मास की कृष्ण एकादशी को कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि उत्पन्ना एकादशी साल की सबसे बड़ी एकादशी है और इसे करने वाले व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है.

उत्पन्ना एकादशी 2018: जानिये कब है उत्पन्ना एकादशी, क्या है महत्व और व्रत विधि

एकादशी व्रत के साथ पारण का भी खास महत्व है. ऐसी मान्यता है कि पारण हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए. अन्यथा व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है. जानिये उत्पन्ना एकादशी व्रत के दिन पूजन और पारण का क्या मुहूर्त है.

उत्पन्ना एकादशी का मुहूर्त:

एकादशी तिथि का प्रारंभ : 2 दिसंबर 2018 को दोपहर 2 बजे से.

Utpanna Ekadashi 2018: उत्पन्ना एकादशी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, पूरी होंगी मनोकामनाएं

एकादशी तिथि समाप्त : 3 दिसंबर 2018 को 12.59 बजे.
पारण का समय: 4 दिसंबर 2018 को 7.02 से 9.06 बजे तक.
द्वादशी तिथि समाप्त: 4 दिसंबर 2018 को दोपहर 12.19 बजे

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