नई दिल्ली: आज 22 अप्रैल बुधवार को वैशाख माह की अमावस्या है. धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से यह दिन काफी महत्वपूर्ण होता है . 22 अप्रैल को सुबह करीब 5:25 से वैशाख मास की अमावस्या तिथि शुरू होगी. जो कि पूरे दिन और रात तक रहने के बाद 23 अप्रैल गुरुवार को सुबह लगभग 8 बजे समाप्त होगी. हिंदू पंचाग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन कुछ शुभ कार्य करने चाहिए.

स्नान
इस दिन गंगा स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है. इस बार लॅाकडाउन की वजह से गंगा स्नान करना संभव नहीं है, इसलिए घर में सभी पवित्र तीर्थों का ध्यान करते हुए स्नान करें. अगर, आपके घर में गंगा जल है तो इस दिन स्नान करने वाले जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें.

दान
हिंदू धर्म में दान का काफी महत्व है. शाख अमावस्या के दिन दान करने से इसका पुण्य कई गुना बढ़कर मिलता है. लॉकडाउन में बाहर निकलना संभव नहीं है, ऐसे में आप ऑनलाइन दान कर सकते हैं.

पितरों की तृप्ति का संकल्प

अमावस्या के दिन अपने मन में पितरों की तृप्ति का संकल्प कर जल, अन्न का दान करना चाहिए. ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

अमावस्या की पूजा विधि

– अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें.
– इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी का स्नान करना चाहिए लेकिन लॉकडाउन के चलते आप घर पर ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.
– सूर्योदय के समय भगवान सूर्य को जल का अर्घ्य दें.
– इस दिन कर्मकांड के साथ पितरों का तर्पण करें.