Vakratunda Sankashti Vrat 2019 आ रहा है. इस व्रत में भगवान गणेश का पूजन किया जाता है.

Vakratunda Sankashti Vrat Date
इस बार वक्रतुंड संकष्टि व्रत 17 अक्‍टूबर, गुरुवार को है. इसी दिन करवाचौथ व्रत भी है.

गणेश पूजन
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है. गणेश जी को बुद्धि, बल, विवेक का देवता माना जाता है. वे अपने भक्तों की सभी परेशानियों और विघ्नों को दूर करते हैं. संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकटों को हराने वाली चतुर्थी.

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व्रत व पूजन विधि
1. सबसे पहले सुबह स्नान कर साफ और धुले हुए कपड़े पहनें. पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें. चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछा लें.
2. भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें और फिर उन्हें जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें. अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें.
3. इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है.
4. त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें. इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें.
5. पूजन उपरांत चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें. पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें.

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