नई दिल्ली: काशी महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) में भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के लिए एक सीट आरक्षित की गई है. सीट पर बने इस छोटे से मंदिर में लोग पूजा अर्चना भी करने लगे हैं. इसकी तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. सबसे पहले रेल कर्मियों ने पूजा अर्चना की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक दिन पहले रविवार को ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. यह ट्रेन इंदौर के निकट ओंकारेश्वर, उज्जैन में महाकालेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ को जोड़ेगी. Also Read - Covid-19: कोरोनावायरस से लड़ने के लिए सांसद निधि से 35 सांसद देंगे एक-एक करोड़ रुपये

इस ट्रेन में एक सीट भगवान शिव के लिए भी आरक्षित है. यह एक्सप्रेस दो राज्यों के तीन ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करेगा. ट्रेन में भगवान शिव के लिए सीट आरक्षित करने के नए विचार के बाद रेलवे प्रशासन इस पर विचार कर रहा है कि ट्रेन में स्थायी तौर पर ‘भोले बाबा’ के लिए एक सीट आरक्षित की जाए. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

लोग इस छोटे से मंदिर में पूजा अर्चना करने लगे हैं.

उत्तरी रेलवे के लिए प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि कोच संख्या बी 5 की सीट संख्या 64 भगवान के लिए खाली की गई है. रेलवे ने आईआरसीटीसी (IRCTC) संचालित तीसरी सेवा शुरू की है. यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के वाराणसी से मध्य प्रदेश के इंदौर तक जाएगी. कुमार ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित और खाली रखी गई है. उन्होंने कहा कि सीट पर एक मंदिर भी बनाया गया है ताकि लोग इस बात से अवगत हों कि यह सीट मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल के लिए है. Also Read - VIRAL VIDEO: क्या साथ रह रहे हैं रणबीर कपूर और आलिया, कोरोना लॉकडाउन के बीच साथ आए नजर

भक्ति भाव से सराबोर है ट्रेन
दीपक कुमार ने कहा कि ऐसा स्थायी तौर पर करने के लिए विचार किया जा रहा है. वाराणसी से इंदौर के बीच सप्ताह में तीन बार चलने वाली इस ट्रेन में हल्की ध्वनी से भक्ति भाव वाला संगीत बजेगा और प्रत्येक कोच में दो निजी गार्ड होंगे और यात्रियों को शाकाहारी खाना परोसा जाएगा.