Varuthini Ekadashi 2019 का व्रत इस माह 30 अप्रैल, मंगलवार को है. इस व्रत का विशेष महत्‍व है.

वरुथिनी एकादशी महत्व
यह व्रत उत्तम फल देने वाला है. इस व्रत को करने से सुख तथा सौभाग्य में वृद्धि होती है. मान्यता है कि जो फल ब्राह्मणों को देने, तपस्या करने और कन्यादान करने से प्राप्त होता है, उससे कहीं अधिक फल इस एकादशी व्रत को करने से होता है.

इस व्रत को जो भी व्यक्ति करता है उसे परनिन्दा से बचना चाहिए, दातुन नहीं तोड़नी चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए और झूठ तो कतई नहीं बोलना चाहिए. इस व्रत में तेल से बना भोजन वर्जित होता है. व्रत रखने पर शाम को केवल फलाहार ही करना चाहिए. इस व्रत का माहात्म्य सुनने से हजार दोष भी खत्म हो जाते हैं.

वरुथिनी एकादशी व्रत विधि
वरुथिनी एकादशी व्रत से पहले कांस, उड़द, मसूर, चना, कोदो, शाक, मधु, किसी दूसरे का अन्न, दो बार भोजन तथा काम क्रिया इन दस बातों का त्याग करना चाहिए. एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन कर भजन कीर्तन करना चाहिए.

द्वादशी के दिन पूजन कर ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए. इसलिए दक्षिणा देकर विदा करने बाद स्वयं भोजन ग्रहण करना चाहिए. एकादशी के व्रत में सोना, पान खाना, दांतुन, दूसरे की बुराई, चुगली, चोरी, हिंसा, काम क्रिया, क्रोध तथा झूठ का त्याग करना चाहिए.

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