Vasant Panchami 2021 Date: वसन्त पंचमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू का त्योहार है. इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है. इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं. वसन्त पंचमी का दिन माँ सरस्वती को समर्पित है और इस दिन माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. माता सरस्वती को ज्ञान, सँगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है. इस दिन को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है.Also Read - Kumbh Mela 2019: पहली बार देशभर से आए वनवासी करेंगे कुंभ का दर्शन, इस तारीख को होगा जनजाति समागम

वसन्त पंचमी शुभ मुहूर्त (Vasant Panchami Subh Muhurat) Also Read - Kumbh Mela 2019: बसंत पंचमी के शाही स्नान पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

वसन्त पंचमी मंगलवार, फरवरी 16, 2021 को
वसन्त पंचमी सरस्वती पूजा मुहूर्त -06:59 से 12:35
अवधि – 05 घण्टे 37 मिनट्स
वसन्त पंचमी मध्याह्न का क्षण – 12:35
पञ्चमी तिथि प्रारम्भ – फरवरी 16, 2021 को 03:36 बजे
पञ्चमी तिथि समाप्त – फरवरी 17, 2021 को 05:46 बजे Also Read - Kumbh Mela 2019: तीसरे और अंतिम शाही स्‍नान पर उमड़े श्रद्धालु, अब तक इतने लाख लोगों ने लगाई डुबकी

वसन्त पंचमी कथा (Vasant Panchami Katha)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, सृष्टि के रचनाकार भगवान ब्रह्मा ने जब संसार को बनाया तो पेड़-पौधों और जीव जन्तुओं सबकुछ दिख रहा था, लेकिन उन्हें किसी चीज की कमी महसूस हो रही थी. इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का तो सुंदर स्त्री के रूप में एक देवी प्रकट हुईं. उनके एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में पुस्तक थी. तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था. यह देवी थीं मां सरस्वती. मां सरस्वती ने जब वीणा बजाया तो संस्सार की हर चीज में स्वर आ गया. इसी से उनका नाम पड़ा देवी सरस्वती. यह दिन था वसन्त पंचमी का. तब से देव लोक और मृत्युलोक में मां सरस्वती की पूजा होने लगी.