नई दिल्ली: बच्चे का आना किसी ही परिवार के लिए एक ब्लेसिंग की तरह होती है. एर पैरेंट बच्चे का 9 महीने तक इंतेजार करते हैं. ऐसे में एक पैरेंट के लिए यह काफी वेलकमिंग और चैलेंजिंग दोनों ही होता है. ऐसे में लोग बच्चे के आने से पहले ही घर की तैयारियां शुरु कर देते हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने नन्हे बच्चे का घर पर वेलकम करने जा रही हैं तो आपको उसके कमरे के लिए तमाम तैयारियां पूरी करनी होंगी. हम आपसे कुछ वास्तु टिप्स शेयर करने जा रहे हैं जो नए पैरेंट्स अपने नवजात बच्चे के कमरे को डिजाइन करते समय ध्यान में रख सकते हैं: Also Read - Winter Care Tips: सर्दियों में नवजात शिशु का रखें खास ख्याल, शरीर के इन अंगों से भी लग सकती हैं ठंड

कमरे में हो पर्याप्त सनलाइट- सबसे महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखें कि उसमें सुबह के समय पर्याप्त रूप से सूरज की रोशनी आनी चाहिए. सूरज की हल्की किरणें आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं साथ ही सूरज की किरणें उन अधिकतर कीटाणुओं को मारती हैं. Also Read - Shardiya Navratri 2020 Vastu Tips: नवरात्रि में फॉलो करें ये वास्तु टिप्स, मिलेगा मनवांछित फल

बेडरुम- बच्चे का बेड हमेशा घर के उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए. यह दिशा बचत्चे के लिए आइडियल होती हैं. Also Read - Vastu Tips For Money: घर में बस इन बातों का रखें ख्याल, अमीर बनने से नहीं रोक पाएगा कोई

पालने की दिशा- पालना खरीदते वक्त याद रखें कि इसकी लंबाई 2-3 फीट होनी चाहिए. इसे दीवार से दूर और कमरे के ठीक दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए.

सोने की सही दिशा- सोते समय बच्चे का सिर दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए.

सेंधा नमक- बच्चे को बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए जरूरी है कि कमरे में सेंधा नमक रखें. इससे सभी नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर रखने में मदद मिलती है. िस नमक को समय-समय पर बदलते रहें.

हल्का रंग का पेंट- बच्चे को कमरे में हमेशा हल्के रंग का पेंट करवाएं. बच्चे जिन खिलौने से खेलते हैं, वे भी हल्के और वाइब्रेंट कलर में होने चाहिए.

पेंटिंग्स- बच्चे के कमरे में शांति, आध्यात्मिकता और प्रेरणा को दर्शाने वाली पेटिंग्स या फोटोज़ लगानी चाहिए. यह उनके मन को उसी ओर विकसित करने में मदद करता है.