Vat Savitri 2019: सोमवार तीन जून को एक साथ तीन महत्वपूर्ण त्योहार पड़ रहे हैं. वट सावित्री, ज्येष्ठ अमावस्या और शनि जयंती एक ही दिन है. इसलिए इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. जातक एक साथ तीन व्रतों का फल प्राप्त कर सकता है. वट सावित्री व्रत हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है जिसे सौभाग्य और संतान की प्राप्ति के लिए किया जाता है. वट सावित्री व्रत स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु और संतान के कुशल भविष्य के लिए रखती है.

Vat Savitri 2019: कब है वट सावित्री व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि व महत्व

वट सावित्री पूजा की थाली
वट सावित्री व्रत में पूजन सामग्री और पूजा की थाली सजाने के पहले से ही ध्यान रखें और एक दिन पहले ही इंतजाम कर लें, उसी दिन पूजन सामग्री और प्रसाद लाने की ना सोंचे.

स्टील या कांसे की थाली
आम
लीची
मिठाई
घर में बना हुआ पकवान
भिगोया हुआ चना
बतासा
मोली
रोली (कुमकुम)
इत्र
सुपारी
पान
कच्चा सुता(धागा)
नारियल
लाल कपड़ा
सिंदूर
दूर्बा घास
पंखा(हाथ का पंखा)
जल
चावल (अक्षत)
श्रृंगार का सामान
आप अपने क्षेत्र के अनुसार भी कुछ सामग्री होती है जो मान्यता है वो जरुर रखें. इसके बाद आप सामग्री से पूजा की थाली सजा लें और वट सावित्री की पूजा बरगद पेड़ के नीचे करें.

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वर पूजा का मुहूर्त
2019 में वट सावित्री व्रत 3 जून 2019, सोमवार को है.
ज्येष्ठ अमावस्या का आरंभ = 2 जून 2019, रविवार को शाम 04:39 बजे.
ज्येष्ठ अमावस्या का समापन = 3 जून 2019, सोमवार शाम 03:31 बजे.

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