Vijaya Ekadashi 2019: आज विजया एकादशी है. एकादशी का व्रत हिन्‍दू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियां होती हैं. जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है. फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी मनाई जाती है. विजया एकादशी अपने नामानुसार विजय प्रदान करने वाली है. भयंकर शत्रुओं से जब आप घिरे हों और पराजय सामने खड़ी हो उस विकट स्थिति में विजया नामक एकादशी आपको विजय दिलाने की क्षमता रखता है.

Vijaya Ekadashi 2019: कब है विजया एकादशी, जानिए महत्‍व, व्रत कथा व पूजा-विधि

विजया एकादशी व्रत विधि
विजया एकाद्शी व्रत के विषय में यह मान्यता है, इस एकादशी का व्रत करने से स्वर्ण दान, भूमि दान, अन्नदान और गौदान से अधिक पुन्य फलों की प्राप्ति होती है. विजया एकादशी व्रत के एक दिन पहले एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान रखें फिर अपने सामथ्र्य के अनुसार सोना, चांदी, तांबा अथवा मिट्टी का कलश बनाकर उस पर स्थापित करें. इस दिन उस कलश में पंचपल्लव रखकर भगवान श्रीविष्णु की मूर्ति स्थापित करें और विधि सहित धूप, दीप, चंदन, फूल, फल एवं तुलसी से प्रभु का पूजन करें. व्रती पूरे दिन भगवान की कथा का पाठ एवं श्रवण करें और रात्रि में कलश के सामने बैठकर जागरण करे. द्वादशी के दिन कलश को योग्य ब्राह्मण अथवा पंडित को दान कर दें. व्रत से पहले की रात्रि में सात्विक भोजन करना चाहिए और रात्रि भोजन के बाद कुछ नहीं लेना चाहिए.

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विजया एकादशी पर ये उपाय करें
– सबसे पहले सूर्य को गंगा जल अर्पित करें.
– भगवान श्री राम परिवार-सीताजी गणेशजी और कार्तिकेय जी पूजा करें.
– 11 केले, लड्डू, लाल फूल चढ़ाएं.
– 11 चन्दन अगरबत्ती और दीपक जलाएं.
– 11 खजूर और बादाम चढ़ाकर प्रसाद का सेवन करें.
– मन्त्र ॐ सिया पतिये राम रामाय नमः का जाप करें.

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