
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Vijaya Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही फलदायी माना गया है और कहा जाता है कि एकादशी का व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है. हिंदी कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह दो एकादशी व्रत आते हैं और इस तरह साल में कुल 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है और इस व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है और साथ ही तुलसी का पूजन भी महत्वपूर्ण माना गया है. तुलसी के बिना एकादशी का व्रत अधूरा होता है और इस दिन यदि तुलसी से जुड़े कुछ उपाय कर लिए जाएं तो जीवन में आ रही कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है.
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी और 13 फरवर को दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. शुभ मुहूर्त की बात करें तो विजया एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है जो कि सुबह 7 बजे से लेकर 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. सुबह 5 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा और दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी को बहुत ही प्रिय है और तुलसी के बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है. विशेष तौर पर एकादशी के दिन तुलसी पूजा का खास महत्व होता है और इस दिन पूजा-पाठ से लेकर विष्णु जी के भोग तक हर जगह तुलसी का उपयोग किया जाता है. एकादशी तिथि के दिन तुलसी माता की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही पारिवारिक जीवन पर भी इसका सकारात्मक परिणाम प्राप्त होता है और व्यक्ति को सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य के साथ-साथ सभी सिद्धियों की भी प्राप्ति होती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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