नई दिल्ली: आज जून मास की विनायक चतुर्थी है. 24 जून यानी आज तृतीया है लेकिन 10 बजकर 15 मिनट तक चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी. इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है. गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम स्थान रखते हैं. इसदिन गणेश जी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. हिन्दु कैलेण्डर में प्रत्येक चन्द्र मास में दो चतुर्थी होती है. हिन्दु धर्मग्रन्थों के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि है. अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं.

हालाँकि विनायक चतुर्थी का व्रत हर महीने में होता है लेकिन सबसे मुख्य विनायक चतुर्थी का व्रत भाद्रपद के महीने में होता है. भाद्रपद के दौरान पड़ने वाली विनायक चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. सम्पूर्ण विश्व में गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है.

पूजा का मुहूर्त

आषाढ़, शुक्ल चतुर्थी
प्रारम्भ – 10:15 ए एम, जून 24
समाप्त – 04:47 ए एम, जून 25

विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2020) का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ है. अतः इस दिन गणेश जयंती मनाई जाती है. इसके साथ ही हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी मनाने का विधान है. इस दिन कोई गंभीर रोग से पीड़ित है तो उसे भी आराम मिलता है. उसकी पीड़ा दूर होती है. इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को अगर पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो वह भी दूर होती है.

विनायक चतुर्थी पूजा विधि

इस दिन घर की साफ-सफाई करें. इसके बाद गंगाजल युक्त जल से स्नान ध्यान से निवृत होकर सर्वप्रथम व्रत संकल्प लें. इसके लिए जल से आमचन करें. इसके बाद पूजा गृह को गंगा जल से शुद्ध करें और फिर गणेश जी की पूजा फल, फूल, धूप-दीप, कपूर, अक्षत और दूर्वा से करें. पूजा के समय निम्न मंत्र का जाप करें.