नई दिल्ली: आज विनायक चतुर्थी है. इसे हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है. गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम स्थान रखते हैं. इसदिन गणेश जी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, विघ्नहर्ता यानी सभी दु:खों को हरने वाले देवता. इसीलिए भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायकी चतुर्थी और संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता हैं. Also Read - International Men’s Health Week 2020: क्यों मनाया जाता है 'इंटरनेशनल मेन्स हेल्थ वीक' जानें क्या है इसका महत्व

विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2020) का महत्व Also Read - Thursday Fast: गुरुवार व्रत पर विनायक चतुर्थी का शुभ योग, आज जपें भगवान विष्‍णु-गणेश के ये शक्तिशाली मंत्र

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ है. अतः इस दिन गणेश जयंती मनाई जाती है. इसके साथ ही हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी मनाने का विधान है. इस दिन कोई गंभीर रोग से पीड़ित है तो उसे भी आराम मिलता है. उसकी पीड़ा दूर होती है. इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को अगर पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो वह भी दूर होती है. Also Read - Vinayak Chaturthi Vrat 2020: कब है विनायक चतुर्थी, शुभ मुहूर्त, व्रत कथा, पूजन विधि

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त

पंचांग के मुताबिक पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:59 से लेकर दोपहर 02:45 तक रहेगा.

विनायक चतुर्थी पूजा विधि

इस दिन घर की साफ-सफाई करें. इसके बाद गंगाजल युक्त जल से स्नान ध्यान से निवृत होकर सर्वप्रथम व्रत संकल्प लें. इसके लिए जल से आमचन करें. इसके बाद पूजा गृह को गंगा जल से शुद्ध करें और फिर गणेश जी की पूजा फल, फूल, धूप-दीप, कपूर, अक्षत और दूर्वा से करें. पूजा के समय निम्न मंत्र का जाप करें.