इस बार विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja) 16 सिंतंबर 2020 को मानाया जा रहा है. इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा बड़े ही धूमधाम के साथ की जाती है. विश्वकर्मा पूजा आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को की जाती है. मान्यताएं हैं कि इसी दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था. इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ ही कारखानों और फैक्ट्रियों में औजारों की पूजा की जाती है. Also Read - Vishwakarma Puja 2020: आज विश्वकर्मा जयंती, विधि विधान से करें पूजा घर और काम में मिलेगी सुख-समृद्धि

इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से आपके कोराबार में वृद्धि होगी साथ ही सुख और शांति रहेगी. विश्वकर्मा पूजा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो कलाकार, शिल्पकार और व्यापारी है. अगर आप इस दिन पूजा कर रहे हैं तो आपको कई सारी बातों का खास ख्याल रखना है ताकि आपसे कोई गलती ना हो जाए. Also Read - Vishwakarma Puja Wishes: विश्वकर्मा पूजा पर भेजें ये Messages, Greetings, ऐसे दें शुभकामनाएं

इन गलतियों से रहें दूर:
1. जैसा की हमने आपको बताया की इस दिन कारखानों और औजारों की पूजा है, ऐसे में जाहिर है की इस दिन आपके औजारों को सम्मान के साथ रखें औऱ हो सके तो उनकी पूजा करें. Also Read - Vishwakarma Puja 16 Sep 2020: भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति की पौराणिक कथा, जानें क्यों की जाती है कारखाने, फैक्ट्रियों में पूजा...

2. अगर आप किसी फैक्ट्री के मालिक हैं तो ऐसे में आप इस दिनऔजारों के इस्तेमाल से दूर रहें इस दिन उनकी पूजा करें और उनकी सफाई करें.

3.जिन वस्तुओं का आप अपने जीवन में रोज प्रयोग करते हैं उनकी विश्वकर्मा पूजा पर साफ सफाई करना न भूलें. आप अपनी गाड़ियों के साफ करें औऱ उनकी पूजा करें.

4. जिन लोगों की भी फैक्ट्रीयां आदि है या फिर उनका मशीन से जुड़ा कोई काम है तो उन्हें विश्वकर्मा पूजा के दिन अपनी मशीनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

5. विश्वकर्मा पूजा के दिन भूलकर भी मांस और मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए. अपने व्यापार की वृद्धि के लिए आपको विश्वकर्मा पूजा के दिन निर्धन व्यक्ति और ब्राह्मण को दान अवश्य देना चाहिए.

विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त-
चतुर्दशी तिथि आरंभ (15 सितंबर)- 11 बजकर 1 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समाप्त (16 सितंबर)- 7 बजकर 56 मिनट तक
पूजा का शुभ मुहूर्त- 16 सितंबर- सुबह 10 बजकर 9 मिनट से 11 बजकर 37 मिनट तक