नई दिल्ली: कल यानी 16 सितंबर 2020 को विश्वकर्मा पूजा की जाएगी. हर साल अश्विनी मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja 2020) की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था. शास्त्रों के अनुसार विश्वकर्मा जी का जन्म कन्या संक्रांति के दिन हुआ था. इसी कारण हर साल कन्या संक्रांति पर इनकी पूजा की जाती है. आपको बता दें कि इस साल विश्वकर्मा दिवस के दिन कई ऐसे योग बन रहे हैं जिनमें पूजा करने पर आपको कई गुना लाभ प्राप्त होंगे. Also Read - Vishwakarma Puja 2020: आज विश्वकर्मा जयंती, विधि विधान से करें पूजा घर और काम में मिलेगी सुख-समृद्धि

विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja 2020 Sanyog) संयोग Also Read - Vishwakarma Puja Wishes: विश्वकर्मा पूजा पर भेजें ये Messages, Greetings, ऐसे दें शुभकामनाएं

इस साल विश्वकर्मा दिवस पर कई संयोग बन रहे हैं. जिसमें पूजा करने से आपको कई लाभ प्राप्त होते हैं. इस दिन एक योग सुबह 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा और उसके बाद साध्य योग का प्रारंभ हो जाएगा. इसके अलावा आज के दिन कोई भी अभिजित मुहूर्त नहीं है. लेकिन अमृत काल मुहूर्त बन रहा है जो सुबह 10 बजकर 9 मिनट से सुबह 11 बजकर 37 मिनट तक रहेगा. वहीं दोपहर 02 बजकर 19 मिनट से दोपहर 3 बजकर 08 मिनट तक विजय योग रहेगा. इसके अलावा शाम 06 बजकर 12 मिनट से शाम 6 बजकर 36 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा. इन सभी योग में विश्वकर्मा जी की पूजा करने से आपको उनकी खास आशीर्वाद प्राप्त होगा. Also Read - Vishwakarma Puja 16 Sep 2020: भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति की पौराणिक कथा, जानें क्यों की जाती है कारखाने, फैक्ट्रियों में पूजा...

क्यों की जाती है विश्वकर्मा जी की पूजा
विश्वकर्मा की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि उन्हें पहला वास्तुकार माना गया था, मान्यता है कि हर साल अगर आप घर में रखे हुए लोहे और मशीनों की पूजा करते हैं तो वो जल्दी खराब नहीं होते हैं. मशीनें अच्छी चलती हैं क्योंकि भगवान उनपर अपनी कृपा बनाकर रखते हैं. भारत के कई हिस्सों में हिस्से में बेहद धूम धाम से मनाया जाता है.