नई दिल्ली:  वास्तुशिल्प के रचनाकार भगवान विश्वकर्मा की आज यानी 16 सितंबर 2020 को जयंती मनाई जा रही है. इस दिन को विश्वकर्मा पूजा  (Vishwakarma Puja 2020) के नाम से भी जाना जाता है. विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है. इसलिए इस दिन उद्योगों, फैक्ट्र‍ियों और हर तरह के मशीन की पूजा की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही देवताओं के लिए अस्त्रों, शस्त्रों, भवनों और मंदिरों का निर्माण किया था. विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना में भगवान ब्रह्मा की सहायता की थी, ऐसे में इंजीनियरिंग काम में लगे लोग उनकी पूजा करते हैं. यह पूजा सभी कलाकारों, बुनकर, शिल्पकारों और औद्योगिक घरानों द्वारा की जाती है. Also Read - Vishwakarma Puja Wishes: विश्वकर्मा पूजा पर भेजें ये Messages, Greetings, ऐसे दें शुभकामनाएं

मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा के पूजन-अर्चन किए बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं माना जाता. इसी कारण विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त होने वाले औजारों, कल-कारखानों में लगी मशीनों की पूजा की जाती है. भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं. वराह पुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने विश्वकर्मा को धरती पर उत्पन्न किया. वहीं विश्वकर्मा पुराण के अनुसार, आदि नारायण ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की. Also Read - Vishwakarma Puja 16 Sep 2020: भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति की पौराणिक कथा, जानें क्यों की जाती है कारखाने, फैक्ट्रियों में पूजा...

इस तरह पूजा करने से जीवन में आएगी सुख समृद्धि
विश्वकर्मा दिवस के दिन पूजा करने से घर और काम नें सुख समृद्धि आती है. इस दिन सबस् पहले कामकाज में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को साफ करना चाहिए. फिर स्नान करके भगवान विष्णु के साथ विश्वकर्माजी की प्रतिमा की विधिवत पूजा करनी चाहिए. ऋतुफल, मिष्ठान्न, पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं. दीप-धूप आदि जलाकर दोनों देवताओं की आरती उतारें. Also Read - Vishwakarma Puja 2020: विश्वकर्मा पूजा पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, भक्तों को मिलगा विशेष आशीर्वाद