Vivah Panchami 2018: मार्गशीर्ष मास यानी अगहन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान राम और मां सीता का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है. इस बार विवाह पंचमी 12 दिसंबर 2018 को है. Also Read - Vivah Panchami 2019: इस बार कब है विवाह पंचमी, जानिए इसका पौराणिक महत्व

विवाह पंचमी का महत्व:

श्रीरामचरितमानस में इस बात का उल्लेख किया गया है कि मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान श्री राम और जनकपुत्री जानकी का विवाह हुआ था. इस कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. भगवान रात को चेतना और मां सीता को प्रकृति का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में दोनों का मिलन इस सृष्टि के लिए उत्तम माना जाता है.

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ऐसी मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और सीता का विवाह कराने से ऐसे जातकों की समस्याएं दूर हो जाती हैं, जिनकी शादी में अड़चनें आ रही हैं. शादी की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और जिन विवाहित दंपत्तियों के जीवन में परेशानियां हैं, उनकी समस्याएं भी समाप्त हो जाती हैं.

विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और मां सीता के संयुक्त रूप की उपासनी की जाती है. ऐसा करने से विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. इस दिन रामचरित मानस और बालकांड में भगवान राम और सीता के विवाह प्रसंग का पाठ करना शुभ माना जाता है. इससे परिवार में सुख का वास होता है.

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