आज विवाह पंचमी के दिन ऐसे करें भगवान राम और माता सीता का पूजन, दाम्पत्य जीवन में आएगी सुख समृद्धि

Vivah Panchami 2025: हिंदू धर्म में विवाह पंचमी का पर्व बहुत ही खास होता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीराम और माता सीता विवाह के बंधन में बंधे थे.

Published date india.com Updated: November 25, 2025 10:19 AM IST
आज विवाह पंचमी के दिन ऐसे करें भगवान राम और माता सीता का पूजन, दाम्पत्य जीवन में आएगी सुख समृद्धि

Vivah Panchami 2025: कहते हैं कि मार्गशीर्ष माह यानि अगहन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था. इसलिए इस​ दिन विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है और मंदिरों में धूमधाम से राम-जानकी के विवाहोत्सव मनाया जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानि 25 जनवरी को विवाह पंचमी मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन यदि विधि-विधान भगवान राम और माता सीता का पूजन किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है. आइए जानते हैं विवाह पंचमी के दिन कैसे करें राम-जानकी का पूजन.

विवाह पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 24 नवंबर को रात 9 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो चुकी है और इसका समापन आज यानि 25 नवंबर को रात 10 बजकर 56 मिनट पर होगा. आज सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा और इसे पूजा के लिए शुभ माना जाता है.

Dream Astrology: ये 5 सपने बता देते हैं मिलने वाला है धन…दिख जाएं तो समझ जाइए जल्द शुरू होगा राजयोग 7

विवाह पंचमी के दिन ऐसे करें पूजा

विवाह पंचमी के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें. इस दिन लाल या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इसके बाद मंदिर में एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद उन्हें तिलक करें और अक्षत, पुष्प अर्पित करें. फिर धूप व दीप जलाएं और बताशे या गुड़ का भोग लगाएं. फिर भगवान राम और माता सीता से अपने दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करें. यदि आप अविवाहित हैं तो जल्द विवाह के योग बनने की कामना करें.

विवाह पंचमी के दिन केले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है. इस दिन केले के पेड़ में पीला धागा बांधे और हल्दी व चंदन से पूजा करें. इसके बाद केले के पेड़ के नीचे घी का दीपक और धूप जलाएं. फिर 21 परिक्रमा लगाएं और विवाह व संतान संबंधित मनोकामना मन ही मन कहें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Astrology की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.