Vrat Tyohar In July 2020: जुलाई का महीना शुरू होने वाला है. इस महीने में देवशयनी एकादशी, हरियाली तीज, नाग पंचमी, मंगला गौरी व्रत समेत कई प्रमुख व्रत-त्योहार आएंगे. इसी माह में चंद्र ग्रहण भी है. 20 जुलाई को श्रावण अमावस्या भी मनाई जाएगी. इन व्रत-त्‍योहारों की पूरी लिस्‍ट हम यहां दे रहे हैं. इसे आप अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं. Also Read - Aaj Ka Panchang 10 March 2021: मार्च के पहले प्रदोष व्रत पर पढ़ें आज का पंचांग, जानें राहुकाल का समय और शुभ मुहूर्त

01 जुलाई, बुधवार- देवशयनी एकादशी, गौरी व्रत प्रारम्भ – देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का विश्राम काल आरंभ हो रहा है. इस दिन से ही चार्तुमास आरंभ हो जाएंगे. Also Read - In Dino Main Na Kare Lehsun-Pyaaz Ka Sevan: महीने के इन 5 दिनों में लहसुन और प्याज को कहें 'ना'

02 जुलाई, बृहस्पतिवार- वासुदेव द्वादशी, प्रदोष व्रत, जयापार्वती व्रत प्रारम्भ. 2 जुलाई को शुक्ल प्रदोष व्रत रखा जाएगा. प्रदोष व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है. यह व्रत प्रति माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है. एक शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी में और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी में. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत महत्वपूर्ण होता है. Also Read - Pradosh Vrat 2021 Date: 26 जनवरी को मनाया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि

04 जुलाई, शनिवार- चौमासी चौदस, कोकिला व्रत , पूर्णिमा उपवास

05 जुलाई, रविवार- हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है. इस साल यह तिथि 5 जुलाई को पड़ रही है. 5 जुलाई रविवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा. आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूजन का विशेष महत्व होता है. इस दिन चंद्र ग्रहण बी पड़ रहा है.

06 जुलाई, सोमवार- सावन प्रारम्भ , श्रावण सोमवार व्रत, श्रावण का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है, इसलिए इस खास माह में भगवान शिव के भक्त उनकी उपासना करते हैं. सावन सोमवार के व्रत रखें जाते हैं. यह महीना 6 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है जो 3 अगस्त रहेगा. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार सावन में पड़ने वाले सोमवार के दिन भोले शंकर की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

08 जुलाई, बुधवार- जयापार्वती व्रत समाप्त, संकष्टी चतुर्थी. 8 जुलाई को संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा. संकष्टी चतुर्थी से आशय संकट को रहने वाली चतुर्थी तिथि से है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि संकष्टि के दिन गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं.

16 जुलाई, बृहस्पतिवार- कामिका एकादशी, कर्क संक्रान्ति. 16 जुलाई को कामिका एकादशी व्रत रखा जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु जी को समर्पित है.

18 जुलाई, शनिवार- प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी. 18 जुलाई को मासिक शिवरात्रि में व्रत रखा जाएगा. इसी तारीख को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि भी पड़ रही है.

20 जुलाई, सोमवार- श्रावण अमावस्या, दर्श अमावस्या, सोमवती अमावस, हरियाली अमावस्या, श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर, आदि अमावसाई. 20 जुलाई को श्रावण मास की अमावस्या तिथि पड़ रही है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या तिथि पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड किया जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान किया जाता है.

23 जुलाई, बृहस्पतिवार- हरियाली तीज. 23 जुलाई को हरियाली तीज मनाई जाएगी. हरियाली तीज का त्योहार विशेष रूप से महिलाओं के द्वारा मनाया जाता है. इस त्योहार में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं.

25 जुलाई, शनिवार- नाग पञ्चमी, कल्की जयन्ती, स्कन्द षष्ठी. नाग पंचमी का पर्व इस महीने की 25 तारीख को मनाया जाएगा. हर साल नाग पंचमी का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा का विधान है.

30 जुलाई, बृहस्पतिवार- श्रावण पुत्रदा एकादशी. श्रावण पुत्रदा एकादशी इस बार 30 जुलाई को पड़ रही है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को श्राण पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. संतान सुख के लिए यह व्रत भगवान विष्णु जी के लिए रखा जाता है.

31 जुलाई, शुक्रवार- वरलक्ष्मी व्रत. धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी से जुड़ा वरलक्ष्मी सबसे बड़ा व्रत माना जाता है. इसे 31 जुलाई को रखा जाएगा.