Vrat Tyohar In MAY 2020: मई का महीना शुरू हो चुका है. इस महीने में सीता नवमी, मोहिनी एकादशी, नारद जयंती समेत कई प्रमुख व्रत-त्योहार आएंगे.  इसी माह में अपरा एकादशी भी आएगी. 22 मई शुक्रवार को वट सावित्री का व्रत भी मनाया जाएगा. इन व्रत-त्‍योहारों की पूरी लिस्‍ट हम यहां दे रहे हैं. इसे आप अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं. Also Read - Shani Jayanti 2020 Date 22 May: आज मनाई जाएगी शनि जयंती, यहां जानें पूजा करने का सही समय और विधि

Vrat Tyohar In MAY 2020  Also Read - Shani Jayanti 2020: शनि जयंती के मौके पर करें ये उपाय, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

02- शनिवार- सीता नवमी- वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी कहते हैं. इस दिन माता सीता प्रकट हुई थीं. इसे जानकी जयंती भी कहते हैं. Also Read - Shani Jayanti 2020 Mantra: शनि जयंती पर इन मंत्रों का करें जाप, खत्म हो जाएगा शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव

03- रविवार- मोहिनी एकादशी-वैशाख शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि अर्थात एकादशी के दिन मोहिनी एकादशी का व्रत रखने का विधान है. ऐसा विश्वास है कि इस व्रत को रखने से व्रती के सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

04- सोमवार- गौण मोहिनी एकादशी- एकादशी के दिन मोहिनी एकादशी का व्रत रखने का विधान है. ऐसा विश्वास है कि इस व्रत को रखने से व्रती के सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

05- मंगलवार- प्रदोष व्रत – हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को बेहद खास माना जाता है। प्रदोष व्रत माह में दो बार शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ते हैं।  प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा करने का विधान बताया गया है।

06- बुधवार- नरसिंघ जयंती, छिन्नमस्ता जयंती – नृसिंह जयंती वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है. हिंदू धर्म में इस जयंती का बहुत महत्व है. इस साल नृसिंह जयंती 6 मई बुधवार को है. भगवान विष्णु ने इसी दिन अपने भक्त प्रहलाद को राक्षसराज हिरण्यकश्यप से बचाने के लिए आधे नर और आधे सिंह के रूप में नृसिंह अवतार लिया था.

07- बृहस्पतिवार – वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा- वैशाख मास की पूर्णिमा को बुध पूर्णिमा के रूप में मनाए जाने की परंपरा है. इस साल यह पूर्णिमा 7 मई को पड़ रही है. इस पूर्णिमा को बेहद शुभ और महत्‍वपूर्ण माना जाता है.

08- शुक्रवार-  नारद जयंती- नारद जयंती सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो सैकड़ों हजारों हिंदू भक्तों द्वारा मनाया जाता है. भगवान के दूत ‘नारद’ के जन्म दिवस के उपलक्ष में नारद जयंती मनाई जाती है. उन्हें देवताओं का दिव्य दूत और संचार का अग्रणी माना जाता है.

15- बृहस्पतिवार-  वृषभ संक्रान्ति-  मेष राशि से वृषभ राशि में सूर्य का संक्रमण वृषभ संक्रांति कहलाता है जो कि 15 मई को हो रहा है।

18- सोमवार-  अपरा एकादशी- ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं. इस साल यह शुभ तिथि 18 मई दिन शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है.

22- शुक्रवार- शनि जयंती, वट सावित्री व्रत- हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का काफी महत्व है. यह पूजन स्त्रियां सौभाग्य प्राप्ति और पति की लंबी आयु की काम कामना के लिए करती हैं. इस दिन सभी सुहागन महिलाएं पूरे 16 श्रृंगार कर बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं.

25- मई- ईद उल फितर-  इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक, साल में सबसे पहले जो ईद आती है, उसे ईद-उल-फितर कहा जाता है. इसे मीठी ईद या फिर सेवइयों वाली ईद भी कहा जाता है.