What Is Nishan Sahib? गणतंत्र दिवस का दिन देश के लिए गर्व  के साथ ही काफी निराशाजनक भी रहा. किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान बीते मंगलवार दिल्ली के आटीओ और लाल किला पर हिंसा भड़क गई. इस दौरान कुछ लोग ट्रैक्टर रैली के लिए तय रूट को तोड़ते हुए लाल किले के अंदर घुस गए जिसके बाद वहां अफरातफरी फैल गई. लोगों ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज के बगल में एक पीले रंग का  ध्वज फहराया. तभी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह ध्वज आखिर किस बात का प्रतीक है.Also Read - Shardiya Navratri Puja Vidhi, Timings: जानिए नवरात्रि में पूजा विधि और कलश स्थापना के नियम...शुभ-अशुभ

आपको बता दें कि पीले रंग के इस ध्वज को निशान साहिब (Nishan Sahib) कहा जाता है. यह सिखों का पवित्र ध्वज है. जिसे सिखों की सभी धार्मिक जगहों पर फहराया जाता है. सिख लोग इस ध्वज का इस्तेमाल धार्मिक और राजनीतिक रैलियों में भी करते हैं. साथ ही यह भी बता दें कि ये ध्वज भारतीय सेना के सिख रेजिमेंट में उनके हर गुरुद्वारे पर लगा होता है. त्रिकोण आकार में दिखने वाला यह ध्वज सूती या रेशम के कपड़े का बना होता है. इसे सिखों की धार्मिक जगहों पर ऊंचाई पर फहराया जाता है. Also Read - Uttarakhand: सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को होंगे बंद

निशान साहिब (Nishan Sahib) का महत्व Also Read - Itching Meaning In Vastu Shashtra: सुबह उठते ही शरीर के इन अंगों में खुजली लगना आपके लिए हो सकता है फायदेमंद, जानें क्या होता है इसका मतलब

निशान साहिब खालसा पंथ का पारंपरागक प्रतीक है. काफ़ी ऊंचाई पर फ़ैहराए जाने के कारण निशान साहिब को दूर से ही देखा जा सकता है. किसी भी जगह पर इसके फहरने का दृष्य, उस मौहल्ले में खालसा पंथ की मौजूदगी का प्रतीक माना जाता है. हर बैसाखी पर इसे नीचे उतार लिया जाता है और एक नए पर्चम से बदल दिया जाता है. किसी भी संस्था के ध्वज की तरह, निशान साहिब खालसा का प्रतीक है और इसे हर गुरुद्वारा परिसरों में फहराया जाता है.