इस साल कब है पितृ पक्ष? नोट करें डेट और जानें पितरों की पूजा का महत्व

Pitru Paksha 2024: हिंदू धर्म में पितरों का देवताओं के समान दर्जा दिया गया है और पितरों को प्रसन्न रखना महत्वपूर्ण माना गया है. क्योंकि पितर प्रसन्न होते हैं तो जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

Published date india.com Published: June 11, 2024 3:19 PM IST
इस साल कब है पितृ पक्ष? नोट करें डेट और जानें पितरों की पूजा का महत्व

Pitru Paksha 2024: हिंदू धर्म शास्त्रों में पितृ पक्ष के दिनों को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना गया है. कहते हैं कि पितृ पक्ष में पितर 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं और ऐसे में उनका श्राद्ध व तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है. जिसके बाद तृप्त होकर वह पितृ लोक में वापस जाते हैं और जाने से पहले अपने परिवारजनों को आशीर्वाद देते हैं. जिस परिवार में पितरों का आशीर्वाद होता है वहां हमेशा खुशहाली बनी रहती है. इसलिए पितरों को प्रसन्न रखना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि इस साल कब शुरू होगा पितृ पक्ष और इन 15 दिनों का महत्व.

कब शुरू होगा पितृ पक्ष 2024

हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरूआत होती है और अमावस्या के दिन समापन होता है. वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल भाद्रपद पूर्णिमा तिथि 17 सितंबर 2024 को है, ऐसे में इस साल 17 सितंबर से से पितृ पक्ष शुरू हो रहे हैं और 2 अक्टूबर को अमावस्या के दिन समाप्त होंगे. पितृ पक्ष की अमावस्या को पितृ मोक्ष अमावस्या या महालया अमावस्या कहते हैं और तर्पण के लिए इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है.

पितृ पक्ष का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में पितरों का तपर्ण करना बहुत ही फलदायी माना गया है. इस दौरान यदि तिथि के अनुसार पितरों का तर्पण किया जाए तो उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वह प्रसन्न होकर पितृ लोक वापस जाते हैं. जीवन में सुख-शांति व खुशहाली के लिए पितरों का आशीर्वाद साथ होना बहुत जरूरी है. क्योंकि जब पितर नाराज होते हैं तो बनते काम भी बिगड़ने लगते हैं और दुख-दरिद्रता का सामना करना पड़ता है. यदि किसी को अपने पितरों की मृत्यु तिथि याद न हो तो उन्हें पितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से सभी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.

पित पृक्ष 2024 श्राद्ध तिथियां

  • पूर्णिमा का श्राद्ध – 17 सितंबर 2024 (मंगलवार)
  • प्रतिपदा का श्राद्ध – 18 सितंबर 2024 (बुधवार)
  • द्वितीया का श्राद्ध – 19 सितंबर 2024 (गुरुवार)
  • तृतीया का श्राद्ध – 20 सितंबर 2024 (शुक्रवार)
  • चतुर्थी का श्राद्ध – 21 सितंबर 2024 (शनिवार)
  • महा भरणी – 21 सितंबर 2024 (शनिवार)
  • पंचमी का श्राद्ध – 22 सितंबर 2024 (रविवार)
  • षष्ठी का श्राद्ध – 23 सितंबर 2024 (सोमवार)
  • सप्तमी का श्राद्ध – 23 सितंबर 2024 (सोमवार)
  • अष्टमी का श्राद्ध – 24 सितंबर 2024 (मंगलवार)
  • नवमी का श्राद्ध – 25 सितंबर 2024 (बुधवार)
  • दशमी का श्राद्ध – 26 सितंबर 2024 (गुरुवार)
  • एकादशी का श्राद्ध – 27 सितंबर 2024 (शुक्रवार)
  • द्वादशी का श्राद्ध – 29 सितंबर 2024 (रविवार)
  • मघा श्राद्ध – 29 सितंबर 2024 (रविवार)
  • त्रयोदशी का श्राद्ध – 30 सितंबर 2024 (सोमवार)
  • चतुर्दशी का श्राद्ध – 1 अक्टूबर 2024 (मंगलवार)
  • सर्वपितृ अमावस्या – 2 अक्टूबर 2024 (बुधवार)

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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