Shardiya Navratri 2020: हर वर्ष शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 रूपों का पूजन किया जाता है. इस साल मां के पूजन का ये महापर्व 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है.Also Read - 600 साल में पहली बार इस शहर में रावण के साथ नहीं जलेंगे मेघनाद और कुम्भकरण, जानिए

शारदीय नवरात्रि पौराणिक कथा
शास्त्रों में बताया गया है कि शारदीय नवरात्रि काफी महत्वपूर्ण दिन हैं. इन्हें मनाना कैसे शुरू हुआ, इसका भी विवरण है. पढ़ें पौराणिक कथा- Also Read - Bank Holiday: आज से तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, ATM मिले खाली तो टॉलफ्री नंबर पर तुरंत बताएं

महिषासुर नाम का एक राक्षस था. वह ब्रह्मा जी का बड़ा भक्त था. उसने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न किया. ब्रह्माजी प्रकट हुए और उससे वरदान मांगने को कहा. Also Read - Navratri 2020 Kanya Pujan: आज अष्टमी-नवमी, इस शुभ मुहूर्त पर करें कन्या पूजन, ये है पूजा की विधि

वरदान में उसने मांगा कि उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला मनुष्य मार ना पाए. वरदान प्राप्त करते ही वह निर्दयी हो गया और तीनों लोकों में आतंक माचने लगा.

आतंक से परेशान होकर देवी देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर मां शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया. मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन मां ने महिषासुर का वध कर दिया. इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है.

शारदीय नवरात्रि 2020
नौ दिनों का ये पर्व 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. घटस्थापना पर विशेष संयोग बन रहा है. अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा. पहले दिन घटस्थापना होती है और मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.