शुक्रवार शाम पढ़ें मां लक्ष्मी की यह आरती, इस विधि से करें पूजन, मिलेेेेगी मां की कृपा

हर शुक्रवार शाम यह आरती जरूर करें

Published date india.com Published: July 6, 2018 5:42 PM IST
Maa Laxmi Upay

शुक्रवार के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा होती है. इस दिन उनके ही शक्ति रूप मां दुर्गा की भी पूजा की जाती है. अधिकांश लोगों का ऐसा मानना है कि मां लक्ष्मी की पूजा सिर्फ धन प्राप्ति के लिए की जाती है. जबकि इनकी दिल से अराधना करने वाले जातक को मां यश भी प्रदान करती हैं. मां लक्ष्मी की पूजा करने वाले व्यक्ति का दांपत्य जीवन सुखमय रहता है और जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती.

ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी के उस स्वरूप की स्थापना करने से जिसमें उनके हाथों से धन गिर रहा हो, ऐसी तस्वीर लगाने से घर में कभी धन की कमी नहीं होती.

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पूजन विधि:

– घर में ऐसी तस्वीर लगाएं जिसमें मां लक्ष्मी के हाथों से धन गिर रहा है. अगर आपके हाथों में पैसा नहीं रुकता और बहुत ज्यादा खर्च होता है तो ऐसी तस्वीर लगाएं जिसमें मां लक्ष्मी खड़ी हों और उनके हाथों से धन गिर रहा हो.

– मां की तस्वीर के सामने दीया जलाएं. मां लक्ष्मी के लिए हमेशा घी का दीया ही जलाएं.

– मां लक्ष्मी को इत्र चढ़ाएं और उसी इत्र का नियमित प्रयोग करें.

– अगर बेवजह धन का ज्यादा खर्च हो रहा है तो मां के चरणों में हर दिन एक रुपये का सिक्का अर्पित करें और उसे जमा कर महीने के अंत में किसी सौभाग्य की धनी स्त्री को दे दें.

– मेष, सिंह और धनु राशि‍ के लोगों के लिए वरलक्ष्मी के स्वरूप की पूजा करनी चाहिए.

मां लक्ष्मी की आरती:

अगर आप मां लक्ष्मी की हर दिन विधिवत पूजन नहीं कर पा रहे हैं तो हर शुक्रवार मां लक्ष्मी की आरती का पाठ करें. ऐसा करने से आपके सारे पाप नाश हो जाएंगे और मां की कृपा प्राप्त होगी.

जातक इस बात का ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी की आरती का उच्चारण गलत ना हो. क्योंकि गलत उच्चारण के साथ आरती गाने का फल प्राप्त नहीं होता.

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आरती:

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुम को निश दिन सेवत, हर विष्णु विधाता….

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता

सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पति दाता

जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धि धन पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता

कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

जिस घर तुम रहती सब सद्‍गुण आता

सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता

खान पान का वैभव, सब तुमसे आता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता

उर आनंद समाता, पाप उतर जाता

ॐ जय लक्ष्मी माता…।।

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