Yashoda Jayanti 2019: भगवान श्रीकृष्ण की माता मैया यशोदा की जयंती फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनायी जाती है. ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन जो भी स्त्री, पुरुष माता यशोदा की गोद में बैठे हुए भगवान श्रीकृष्ण कन्हैया के साथ मां यशोदा की विशेष पूजा-अर्चना करते उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है. इस पूजा से खुश होकर भगवान बाल रूप में दर्शन देते हैं और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद भी देते हैं. इस साल 2019 में मां यशोदा जयंती की 24 फरवरी रविवार के दिन है.

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यशोदा जयंती का शुभ मुहूर्त

24 फरवरी 2019 (रविवार)

षष्ठी तिथि प्रारम्भ = 06:13 (24 फरवरी 2019)

षष्ठी तिथि समाप्त = 05:04 (25 फरवरी 2019)

तिथि: 06, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, षष्ठी, विक्रम सम्वत

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यशोदा जयंती की पौराणिक कथा

कहा जाता है कि अपने पूर्व जन्म में माता यशोदा ने भगवान विष्णु की घोर तपस्या की. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वर मांगने को कहा. माता ने बोला हे ईश्वर​ मेरी तपस्या तभी पूर्ण होगी जब आप मुझे मेरे पुत्र के रूप में प्राप्त होंगे. भगवान ने प्रसन्न होकर उन्हें कहा कि आने वाले काल में वासुदेव एवं देवकी मां के घर जन्म लूंगा, लेकिन मुझे मातृत्व का सुख आपसे ही प्राप्त होगा. समय के साथ ऐसा ही हुआ एवं भगवान कृष्ण देवकी एवं वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में प्रकट हुए, क्योंकि कंस को मालूम था कि उनका वध देवकी एवं वासुदेव की संतान द्वारा ही होगा तो उन्होंने अपनी बहन एवं वासुदेव को कारावास में डाल दिया. जब कृष्ण का जन्म हुआ तो वासुदेव उन्हें नंद बाबा एवं यशोदा मैय्या के घर छोड़ आए ताकि उनका अच्छे से पालन पोषण हो सके. तत्पश्चात माता यशोदा ने ही कृष्ण को मातृत्व का सुख दिया.

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भगवान कृष्ण के प्रति माता यशोदा के अपार प्यार की किसी और से तुलना नहीं की जा सकती. यशोदाजी के सत्कर्मों व तप का ही यह फल है कि उनकी गोद में स्वयं भगवान खेल रहे हैं. माता यशोदा के विषय में श्रीमद्भागवत में कहा गया है- ‘मुक्तिदाता भगवान से जो कृपाप्रसाद नन्दरानी यशोदा को मिला, वैसा न ब्रह्माजी को, न शंकर को, न उनकी अर्धांगिनी लक्ष्मीजी को कभी प्राप्त हुआ.

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जानिए पूजन विधि

1. इस दिन मां यशोदा को ह्रदय से याद करें, उनका आवाहन करें एवं उनसे संतान सुख के लिए आशीर्वाद मांगें.

2. अगर आप संतान से सम्बंधित कष्टों से गुजर रहे हैं या फिर संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं तो आपको इस दिन प्रातः काल उठ कर स्नान आदि कर स्वच्छ होकर मां यशोदा का ध्यान करना चाहिए एवं कृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरुप का ध्यान करना चाहिए.

3. मां को लाल चुनरी पहनाएं, पंजीरी एवं मीठा रोठ एवं थोड़ा सा मख्खन लड्डू गोपाल के लिए भी भोग के लिए रखें. मन ही मन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें.

4. माता यशोदा वह देवी हैं जिन्होंने भगवान को अपनी गोद में उठाया है, उन्हें दुलार किया है. इसलिए ऐसी ममता की मूर्ति को ह्रदय से प्रणाम करें व उनसे अपने लिए भी उनके जैसे ही लड्डू गोपाल की प्रार्थना करें.

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