उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या को पर्यटन के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है. इसी क्रम में अयोध्या में श्रीराम की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी. सरयू के किनारे सटे 100 हेक्टेयर क्षेत्र में 251 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

योगी सरकार की देर रात हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थापना कार्य में तेजी लाने के साथ ही अयोध्या के समग्र विकास के लिए योजना तैयार करने पर जोर दिया.

योगी ने प्रतिमा स्थल पर भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किं ग, फूड प्लाजा, लैंडस्केपिंग के साथ-साथ पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के निर्देश दिए हैं.

इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा. ट्रस्ट का नाम और उनके ट्रस्टी भी तय किए गए हैं. पहले डिजाइन कंसलटेंट के लिए राजकीय निर्माण निगम का चयन किया गया था, लेकिन इसे निरस्त करते हुए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया.

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहायता के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा. इस कार्य के परिकल्प, संरचना, बिडिंग कार्यवाही और निर्माण कार्य के लिए राजकीय निर्माण निगम की अलग इकाई स्थापित की जाएगी.

प्रस्तावित साइट का जियोलाजिकल सर्वे, हाइड्रोलाजिकल सर्वे, साइस्मिक सर्वे तथा नीरी (नागपुर) से इनवायरमेंट असेसमेंट एंड फिजिबिलिटी स्टडी के साथ आईआईटी कानपुर भी इसमें सहयोग करेगा.

इस कार्य के समन्वय और क्रियान्वयन के लिए वित्त, नगर विकास, वन, पर्यावरण, लोकनिर्माण, सिंचाई, ऊर्जा, औद्योगिक और आवास विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएंगे.

गौरतलब है कि भगवान श्रीराम की प्रस्तावित प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर होने से यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी.

वर्तमान में गुजरात में स्थित सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा अभी तक विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसकी ऊंचाई 183 मीटर है. चीन में स्थापित गौतम बुद्ध की प्रतिमा की ऊंचाई 128 मीटर है, जबकि न्यूयार्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है. मुंबई में निर्माणाधीन डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा 137.2 मीटर और निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महराज की प्रतिमा की ऊंचाई 212 मीटर है.