नई दिल्ली: आज योगिनी एकादशी व्रत है. हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है. योगिनी एकादशी व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी के लिए रखा जाता है. उत्तर भारतीय पञ्चाङ्ग के अनुसार आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष के दौरान और दक्षिण भारतीय पञ्चाङ्ग के अनुसार ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष के दौरान योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2020) पड़ती है. माना जाता है कि उस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा रहती है. योगिनी एकादशी का व्रत करने से सारे पाप मिट जाते हैं और जीवन में समृद्धि और आनन्द की प्राप्ति होती है. योगिनी एकादशी का व्रत करने से स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है. योगिनी एकादशी तीनों लोकों में प्रसिद्ध है. इस एकादशी का व्रत रखने का उतना ही महत्व होता है जितना 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का होता है. Also Read - Yogini Ekadashi 2020: आज योगिनी एकादशी, जानें पूजा विधि, कथा और शुभ मुहूर्त से जुड़ी सभी बातें

योगिना एकादशी (Yogini Ekadashi 2020) समय Also Read - Diabities के मरीजों को Fasting करनी चाहिए? इसके क्‍या हैं फायदे...

योगिनी एकादशी बुधवार, जून 17, 2020 को
एकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 16, 2020 को 05:40 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त – जून 17, २०२० को 04:50 ए एम बजे
पारण का समय- 18 जून 2020 को सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 08 बजकर 14 मिनट तक Also Read - शोध में दावा, ज्‍यादा करते हैं उपवास तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी...

आज भूलकर भी ना करें ये काम

– इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. इस दिन ध्यान रहे कि शाम के समय सोना नहीं चाहिए और ना ही किसी बात को लेकर क्रोधित होना चाहिए.

– योगिनी एकादशी के दिन भूलकर भी चावल का सेवन ना करें. माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है.

– इस दिन पति पत्नी को किसी भी तरह के शारीरिक संबंधों से बचना चाहिए.

– योगिनी एकादशी का काफी महत्व होता है. इसलिए इस दिन ना तो किसी से कठोर शब्द कहने चाहिए और ना ही लड़ाई-झगड़ा करना चाहिए.

– इस दिन व्यक्ति को साधा और साधारण तरह का भोजन करना चाहिए.