हजारों साल पहले समुद्र में डूब गए थे कई शहर
दुनिया कैसे और किस साल में बनी थी, इसकी सटीक जानकारी किसी को नहीं है. हालांकि, वैज्ञानिक अपने खोज से इसका पता लगाने की कोशिश करते आएं हैं. पृथ्वी के इतिहास में कई शहर ऐसे थे जो अब उजड़ गए हैं.
By Gargi Santosh | Updated: March 30, 2025 7:43 PM IST
दुनिया कैसे और किस साल में बनी थी, इसकी सटीक जानकारी किसी को नहीं है. हालांकि, वैज्ञानिक अपने खोज से इसका पता लगाने की कोशिश करते आएं हैं. पृथ्वी के इतिहास में कई शहर ऐसे थे जो अब उजड़ गए हैं.
हाल ही में कई साइंटिस्ट और रिसर्चर्स ने इन शहरों के नाम बताए हैं. चलिए आपको भी उन शहरों के बारे में बताते हैं, जो हजारों साल पहले पानी में डूब गए थे. साइंटिस्ट बताते हैं कि इन शहरों का नामोनिशान आज तक नहीं मिटा है.
शानदार पार्टी डेस्टिनेशन के रूप में मशहूर बाया शहर, अपने गर्म पानी के झरनों और आलीशान विला के लिए जाना जाता था. रोमन सम्राट जूलियस सीज़र और नीरो के भी यहां महल थे. लेकिन, धीरे-धीरे यह इलाका भूगर्भीय हलचलों की वजह से डूबता चला गया. अब यह अंडरवॉटर आर्कियोलॉजिकल पार्क बन चुका है, जिसे केवल लाइसेंस प्राप्त स्कूबा डाइवर्स ही देख सकते हैं.
बीसवीं सदी में इंग्लैंड के कई शहरों की बढ़ती आबादी को पानी की जरूरत थी, जिसके चलते डर्वेंट गांव को जलाशय बनाने के लिए डुबो दिया गया. हालांकि, गर्मियों के दौरान जब लेडीबोवर जलाशय का पानी कम होता है, तो इस डूबे हुए गांव के अवशेष दिखाई देने लगते हैं.
अर्जेंटीना के विला एपेक्यूएन शहर में 1985 में एक भीषण तूफान आया और झील की दीवार टूट गई, जिससे पूरा शहर 10 मीटर गहरे पानी में डूब गया. लगभग 25 सालों तक यह शहर पूरी तरह जलमग्न रहा.
वहीं, गुजरात के काठियावाड क्षेत्र में अरब सागर के समीप स्थित द्वारका धाम भी समुद्र में डूब गई थी. श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी के जल विलीन होने की कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं.
चीन का शिचेंग शहर लगभग 1300 साल पुराना है और इसे अटलांटिस ऑफ द ईस्ट कहा जाता है. 1959 में एक जलाशय निर्माण परियोजना के तहत इसे जानबूझकर जलमग्न कर दिया गया था.
इतिहास और किंवदंतियों में कई अन्य शहर भी हैं जो पानी में डूब गए थे. जैसे कि कुर्बा (माल्टा), दोर (इजराइल), किनुइ (जापान), पैलस्ट्रिना (इटली), पोर्ट रॉयल (जमैका) और थोनिस-हेराक्लिओन (मिस्र)