इकोनॉमी को खोलता करती है फेक करेंसी
फेक करेंसी किसी भी देश के लिए एक दीमक की तरह होती है. ये देश की अर्थव्यवस्था को अंदर से नुकसान पहुंचाती है. मार्केट में नकली नोट छापने वाले और इन्हें सर्कुलेट करने वाले गिरोह एक्टिव हैं. जालसाज नकली नोट की ऐसी छपाई करते हैं कि आम आदमी के लिए असली और नकली नोट के बीच अंतर कर पाना मुश्किल होता है. नकली नोट का इस्तेमाल करना भी कानूनन अपराध है. इसके लिए जेल हो सकती है.