Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है ठाकुर जी की 21 दिवसीय चंदन यात्रा. जानें प्रभु को चंदन लेप लगाने की सही विधि, महत्व और इसके धार्मिक लाभ.
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ठाकुर जी की चंदन यात्रा
अक्षय तृतीया पर शुरू होगी 'चंदन यात्रा', ठाकुर जी को ऐसे लगाएं लेप, जीवन में बरसेगी शीतलता.
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क्या है चंदन यात्रा?
अक्षय तृतीया से शुरू होकर यह उत्सव 21 दिनों तक चलता है. इसमें भगवान के श्रीअंग पर चंदन का लेप किया जाता है ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके.
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क्यों खास है यह परंपरा?
पौराणिक मान्यता है कि भक्त माधवेंद्र पुरी के प्रेम और श्रद्धा को देखते हुए स्वयं भगवान ने चंदन लेप की इच्छा जताई थी. यह परंपरा प्रभु और भक्त के अटूट प्रेम का प्रतीक है.
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घर पर कैसे तैयार करें लेप?
असली चंदन की लकड़ी को गंगाजल के साथ घिसें. इसमें थोड़ी सी केसर, कपूर और गुलाब जल मिलाएं. इसकी सुगंध और शीतलता प्रभु को अत्यंत प्रिय है.
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लेप लगाने की सही विधि
स्नान के बाद ठाकुर जी के पूरे शरीर पर धीरे-धीरे लेप लगाएं. आंखों और मुख को छोड़कर पूरे विग्रह को चंदन से ढंक दें. इससे मन और घर का वातावरण शुद्ध होता है.
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विशेष भोग और श्रृंगार
इन दिनों प्रभु को सत्तू, तरबूज, खरबूजा और मिट्टी के पात्र में शीतल जल अर्पित करें. फूलों के बंगले में प्रभु को विराजमान करना विशेष फलदायी है.
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मिलता है यह पुण्य फल
माना जाता है कि जो भक्त ठाकुर जी को चंदन अर्पित करते हैं, उनके जीवन के सभी मानसिक और शारीरिक संताप दूर होते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है.
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डिस्क्लेमर:
यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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