Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source
Advertisement

जमीन से फव्वारे की तरह निकल रहा सोना, 1000 किलोमीटर तक फैला, कहां मिला इकलौता ऐसा अद्भुत खजाना?

Antarctica Volcano Gold: एरेबस रोजाना लगभग 80 ग्राम सोने की बहुत बारीक धूल बाहर निकालता है. यानी यह लाखों रुपये का सोना रोज हवा में उड़ा रहा है.

By Vineet Sharan | Updated: June 30, 2026 10:42 AM IST

ज्वालामुखी से निकल रहा सोना

Antarctica Volcano Gold: क्या आपको पता है कि पृथ्वी से सोना सिर्फ सोने की खानों के रास्ते नहीं निकलता है. भारत से करीब 14 हजार किलोमीटर दूर अंटार्कटिका में एक विशाल ज्वालामुखी है, जो सोने की धूल यानी गोल्ड डस्ट दिन-रात हवा में उड़ाता रहता है. इसका नाम, एरेबस है. आइये जानते हैं, दुनिया के इस अद्भुत ज्वालामुखी के बारे में.

कहां है सोना उगलने वाला ज्वालामुखी?

साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अंटार्कटिका की रॉस सी (Ross Sea) में रॉस आइलैंड पर, माउंट एरेबस (Mount Erebus) पर एरेबस ज्वालामुखी है. यह भौगोलिक दक्षिणी ध्रुव से लगभग 1,350 किलोमीटर दूर है.

Advertisement

क्यों खास है ये ज्वालामुखी?

एरेबस ज्वालामुखी के कई किलोमीटर नीचे पाताल लोक से आने वाली गैसों में वैज्ञानिकों को क्रिस्टल के रूप में शुद्ध सोने के बहुत छोटे कण मिले हैं. यह दुनिया का सबसे दक्षिणी सक्रिय ज्वालामुखी है, जिसमें जलते हुए लावे की एक स्थायी झील उबलती रहती है.

कितना सोना रोज निकलता है इस ज्वालामुखी से?

'जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स' में 1991 में छपे एक रिसर्च पेपर के अनुसार, एरेबस हर दिन लगभग 80 ग्राम सोने की बहुत बारीक धूल बाहर निकालता है, जो 1,000 किलोमीटर दूर तक या शायद उससे भी आगे फैल जाती है.

Advertisement

कैसे अलग तरह से सोना उगलता है एरेबस?

अमेरिका में न्यू मैक्सिको इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड टेक्नोलॉजी की जियोकेमिस्ट किम्बर्ली मीकर की अगुवाई वाली टीम के अनुसार, एरेबस का सोना कुछ ऐसा कर रहा है जो किसी अन्य ज्वालामुखी में नहीं देखा गया है. सोने के कुछ का आकार लगभग 60 माइक्रोमीटर तक था. एरेबस सोने को उन कंपाउंड्स से अलग होने देती है जिन्होंने इसे ज्वालामुखी से निकलने वाले पदार्थों में पकड़ कर रखा था. रिसर्चर्स द्वारा प्रस्तावित एक मॉडल यह है कि सोना लावा से वोलेटाइल क्लोरीन वाले कंपाउंड्स के साथ बाहर निकलता है. जैसे-जैसे गैसें ठंडी होती हैं, सोना इन कंपाउंड्स से क्रिस्टल के रूप में अलग हो जाता है और अंततः अंटार्कटिक की बर्फ पर जमा हो जाता है. उस मॉडल के साथ एक कठिनाई यह है कि गैस में बहुत कम सोना होता है.

सोना उगलने वाले अन्य ज्वालामुखी कौन से हैं?

हवाई के किलाऊआ (Kīlauea), इटली के एटना (Etna), अलास्का के ऑगस्टीन (Augustine) और मैक्सिको के एल चिचोन (El Chichón) से लिए गए नमूनों में रासायनिक रूप से सोने के अंश पाए गए हैं. किलाउआ से हर दिन अनुमानित 500 से 800 ग्राम सोना निकलता था, जबकि एटना के लिए अनुमान 2.4 किलोग्राम तक पहुंच गया था. (photo credit, credit AI)