Bangladesh biggest lender countries: बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था इस समय विदेशी कर्ज के भारी दबाव में है. बुरे आर्थिक हालात से गुजरते चीन से लगातार मदद की गुहार लगा रहा है. वहीं, भारत के साथ बिजली बकाया और पूरा होती जल संधियां, बांग्लादेश की नई सरकार के लिए कड़ी परीक्षा है. आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से..
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बांग्लादेश का सबसे बड़ा कर्जदाता
बांग्लादेश को सबसे ज्यादा कर्ज वर्ल्ड बैंक से लिया है. बांग्लादेश को कर्ज देने के मामले में दूसरे नंबर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से मिलता है.
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जापान
लोन देने की सूची में जापान बांग्लादेश का तीसरे नंबर का कर्जदाता है. ढाका मेट्रो रेल जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए जापान ने बड़े पैमाने पर निवेश किया है.
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चीन का कर्ज
चीन, बांग्लादेश का चौथा सबसे बड़ा ऋणदाता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1975 से अब तक चीन ने बांग्लादेश को करीब 7.5 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया है.
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गंगा जल संधि
भारत और बांग्लादेश के बीच 1996 में हुई 30 साल की गंगा जल संधि 2026 में समाप्त हो रही है. इसके रिन्यूअल को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीति काफी अहम है.
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तीस्ता जल संधि और चीन का दखल
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी बीच बांग्लादेश की नई सरकार तीस्ता नदी परियोजना के लिए चीन से मदद मांग रही है. भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब चीनी निवेश भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय है.
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भारत ने की बार-बार आर्थिक मदद
भारत ने सीधे नकद कर्ज के बजाय लगभग 7.86 बिलियन डॉलर यानि करीब 65,000 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट दी है. इस पैसे का यूज बांग्लादेश रेलवे, सड़क और बिजली परियोजनाओं में कर रहा है.
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भारतीय बिजली कंपनियों का बकाया
मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश पर भारतीय बिजली कंपनियों का करीब 1 बिलियन डॉलर यानि 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है, जो उसे को बिजली आपूर्ति के बदले चुकाना है.
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विदेशी कर्ज का वर्तमान स्टेटस
फरवरी 2024 तक बांग्लादेश का कुल बकाया विदेशी कर्ज 78.07 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. करेंसी की घटती ताकत और कम विदेशी मुद्रा भंडार के बीच इस कर्ज को चुकाना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
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