कितने साल का होता है मेयर का कार्यकाल?
दिल्ली में भी यही व्यवस्था है. यहां भी म्युनिसिपल कमिश्नर सबसे ज्यादा ताकतवर होता है. मेयर का कार्यकाल सिर्फ एक साल का होता है, जिससे उसकी भूमिका और सीमित हो जाती है और निर्णय प्रक्रिया में कई स्तर होते हैं. दोनों शहरों में मेयर का मुख्य काम बैठकों की अध्यक्षता करना, बहसों को संभालना, शहर का प्रतिनिधित्व करना और बड़े मेहमानों का स्वागत करना होता है. वे नीतियां तय करने में सुझाव देते हैं, लेकिन सीधा प्रशासन उनके हाथ में नहीं होता. दिल्ली में भी यही व्यवस्था है. यहां भी म्युनिसिपल कमिश्नर सबसे ज्यादा ताकतवर होता है. मेयर का कार्यकाल सिर्फ एक साल का होता है, जिससे उसकी भूमिका और सीमित हो जाती है और निर्णय प्रक्रिया में कई स्तर होते हैं. दोनों शहरों में मेयर का मुख्य काम बैठकों की अध्यक्षता करना, बहसों को संभालना, शहर का प्रतिनिधित्व करना और बड़े मेहमानों का स्वागत करना होता है. वे नीतियां तय करने में सुझाव देते हैं, लेकिन सीधा प्रशासन उनके हाथ में नहीं होता.