Brahmos Ng Cruise Missile And Su 30mki Combination Will Change Equation Of Air Power In Asia 8271866
ब्रह्मोस NG मिसाइल और Su-30MKI की जोड़ी बदलेगी एशिया में हवाई ताकत का समीकरण, जानिए DRDO ने क्या कमाल कर दिया
BrahMos NG missile and Su-30MKI: कम वजन वाली ब्रह्मोस भारतीय वायु सेना की स्ट्राइक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी. मॉडिफाइड Su-30MKI भविष्य में पांच ब्रह्मोस NG मिसाइल ले जा सकता है.
दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के रूप में मशहूर भारत की ब्रह्मोस अब दुश्मन को और भी ज्यादा डराएगी. कारण है इसके नए वर्जन का विकास जिसे ब्रह्मोस NG का नाम दिया गया है. इसमें NG का मतलब नेक्स्ट जेनरेशन है.
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क्या है ब्रह्मोस NG की खासियत?
ब्रह्मोस का मौजूदा वर्जन बेहद भारी है. इसका वजन तीन टन के करीब है. लेकिन ब्रह्मोस NG वजन में बेहद कम होगी. खास बात ये है कि इसकी मारक क्षमता वजन में हल्का होने के बावजूद भी बढ़ जाएगी.
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हल्के वजन का क्या फायदा होगा?
तीन टन की ब्रह्मोस मिसाइल को लड़ाकू विमान से लॉन्च करना मुश्किल है. यही कारण है कि भारतीय वायुसेना के केवल कुछ Su-30MKI विमान ही इस मिसाइल को ले जा सकते हैं. इन्हें खास तौर से अपग्रेड किया गया है. वर्तमान में एक सुखोई विमान केवल एक ब्रह्मोस ही कैरी कर पाता है. लेकिन कम वजन वाली ब्रह्मोस भारतीय वायु सेना की स्ट्राइक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी.
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हवाई ताकत का समीकरण बदलेगा
एक मॉडिफाइड Su-30MKI जो अभी एक सिंगल ब्रह्मोस ले जा सकता है, वह भविष्य में पांच ब्रह्मोस NG मिसाइल ले जा सकता है. इस मिसाइल का वजन तीन टन से कम होकर महज 1200 किलोग्राम रह जाएगा. नई मिसाइल की रेंज भी 500 किमी तक हो सकती है. ऐसे में Su-30MKI और ब्रह्मोस NG की जोड़ी बेहद ताकतवर हो जाएगी.
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कब तक सेवा में आ सकती है ब्रह्मोस-एनजी
डीआरडीओ नेक्स्ट जेनरेशन ब्रह्मोस के विकास पर लगातार काम कर रहा है. इसके शुरुआती फ्लाइट टेस्ट 2026 में होने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि प्रोडक्शन 2027-28 तक शुरू हो सकता है. ब्रह्मोस-एनजी के तीनों वर्जन एयर, लैंड और सी विकसित किए जा रहे हैं.
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तेजस भी लैस होंगे ब्रह्मोस NG से
ओरिजिनल ब्रह्मोस की तुलना में काफी छोटा और हल्का होने के कारण ब्रह्मोस NG मिसाइल को भारत के LCA तेजस लड़ाकू विमान भी कैरी कर सकेंगे. सटीकता के लिए इसे स्वदेशी एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार सीकर से लैस किया जा रहा है.
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रैमजेट इंजन की ताकत
ब्रह्मोस NG मिसाइल ताकतवर रैमजेट इंजन से उड़ान की शक्ति हासिल करती है. इसकी रेंज बढ़ाकर 800 किमी तक करने की तैयारी भी है. ब्रह्मोस NG को हवा, जमीन, समुद्र और समुद्र के नीचे के प्लेटफ़ॉर्म से भी लॉन्च किया जा सकेगा. इस तरह यह एक यूनिवर्सल सटीक स्ट्राइक हथियार बन जाएगी. (तस्वीरें प्रतीकात्मक हैं.)
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