तेल की कीमतों में अचानक क्यों आया उछाल?
बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दिया. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति ने निवेशकों और ऊर्जा कंपनियों की चिंता बढ़ा दी. जैसे ही होर्मुज में सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ा, बाजार को आशंका हुई कि कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी डर की वजह से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिला. दो दिनों के अंदर तेल की कीमत करीब 13 प्रतिशत बढ़कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर तेल बाजार सबसे पहले प्रतिक्रिया देता है क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे अहम कड़ी मानी जाती है.





