किसकी खोज
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज इंस्टीट्यूट ऑफ जूलॉजी के रिसर्चर्स के नेतृत्व वाली टीम ने कहा कि इंसानी इम्प्लांटेशन को बेहतर ढंग से समझना बहुत जरूरी है, लेकिन यह नैतिक पाबंदियों और इंसानी भ्रूण तक सीमित पहुंच के कारण मुश्किल है. 23 दिसंबर को पीयर-रिव्यूड जर्नल सेल में पब्लिश एक पेपर में टीम ने कहा,इस पर काबू पाने के लिए, हमने इंसानी ब्लास्टोइड्स या ब्लास्टोसिस्ट्स का इस्तेमाल करके एक 3D इन-चिप इम्प्लांटेशन मॉडल डेवलप किया. इसे बायोइंजीनियर्ड इंसानी एंडोमेट्रियल टिश्यू, जिसे एंडोमेट्रियोइड कहा जाता है, के साथ को-कल्चर किया गया.