तेजी से बढ़ रहे डिवोर्स के मामले
पति-पत्नी के बीच विवाद घर-घर की कहानी है. कई बार ये विवाद आपसी सुलह और परिवार के सहयोग से सुलझ जाता है. जब विवाद नहीं सुलझता, तो मामला कोर्ट पहुंचता है. फिर तलाक, भरण-पोषण भत्ते या मेंटेनेंस और एलिमनी की नौबत आती है. ये मामले फैमिली कोर्ट, जिला अदालतों और मजिस्ट्रेट कोर्ट तक जाते हैं.इन अदालतों में हजारों की संख्या में डिवोर्स और मेंटेनेंस और एलिमनी के केस चल रहे हैं.