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सालों से शांत पड़े ज्वालामुखी में कभी भी हो सकता है धमाका, वैज्ञानिकों ने इन इलाकों के लिए जारी की चेतावनी!

Dormant Volcano: नई रिसर्च में चेतावनी दी गई है कि लंबे समय से शांत ज्वालामुखी फिर सक्रिय हो सकते हैं. जानिए किन देशों के ज्वालामुखी रेड जोन में हैं और वैज्ञानिक क्यों चिंतित हैं.

By Rishabh Kumar | Updated: June 7, 2026 9:56 PM IST

नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता

नई रिसर्च में पता चला है कि हजारों सालों से शांत पड़े कुछ ज्वालामुखी दोबारा सक्रिय हो सकते हैं. इससे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है और पुराने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं.

पुरानी परिभाषा पर उठे सवाल

अब तक माना जाता था कि जो ज्वालामुखी 10 हजार साल से नहीं फटे, वे खत्म हो चुके हैं. लेकिन नई स्टडी बताती है कि यह नियम पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जा सकता.

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ग्रीस का मेथाना ज्वालामुखी बना उदाहरण

ग्रीस का मेथाना ज्वालामुखी करीब 1.10 लाख साल तक शांत रहा. इसके बाद दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिले, जिससे वैज्ञानिकों को ज्वालामुखियों के व्यवहार पर नई सोच अपनानी पड़ रही है.

धरती के नीचे लगातार चल रही हलचल

विशेषज्ञों के अनुसार शांत दिखने वाले ज्वालामुखियों के नीचे मैग्मा चैंबर सक्रिय रह सकते हैं. लंबे समय तक मैग्मा जमा होने के बाद अचानक बड़ा विस्फोट होने की संभावना बनी रहती है.

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कई देशों में बढ़ी निगरानी

ग्रीस, ईरान, रोमानिया, इथियोपिया, अमेरिका, जर्मनी और स्पेन जैसे देशों में स्थित पुराने ज्वालामुखियों पर वैज्ञानिक लगातार नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी खतरे का समय रहते पता चल सके.

आधुनिक तकनीक से हो रही मॉनिटरिंग

वैज्ञानिक सैटेलाइट, भूकंप सेंसर और दूसरी आधुनिक तकनीकों की मदद से जमीन में होने वाले छोटे बदलाव भी रिकॉर्ड कर रहे हैं, जिससे संभावित ज्वालामुखी गतिविधि का अनुमान लगाया जा सके.

रेड जोन वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर

येलोस्टोन (अमेरिका), मेथाना (ग्रीस), तफ्तान (ईरान), सियोमाडुल (रोमानिया), ईफेल (जर्मनी) और ला गैरोटक्सा (स्पेन) जैसे क्षेत्रों को वैज्ञानिक ज्यादा संवेदनशील मान रहे हैं. ये चेतावनी स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल के द्वारा की गई रिसर्च में दिया गया, जोकि पाब्लो गोंजालेज नाम कि पत्रिका में प्रकाशित हुई थी.