अगर कोई प्रॉपर्टी हो तो?
अगर प्रॉपर्टी है, तो PMLA के सेक्शन 5 (1) के तहत प्रॉपर्टी को अटैच किया जाता है. अदातल में संपत्ति की जब्ती साबित होने पर इस संपत्ति को PMLA के सेक्शन 9 के तहत सरकार कब्जे में ले लेती है. इस प्रॉपर्टी पर लिखा होता है कि इस संपत्ति की खरीद, बिक्री या इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ED कानून के मुताबिक, मैक्सिमम 180 दिन तक ही प्रॉपर्टी को अपने पास रख सकती है. मतलब कोर्ट में अगर आरोपी साबित हो जाता है, तो प्रॉपर्टी सरकार की हो जाती है. अगर आरोपी बच जाता है, तो प्रॉपर्टी वापस की जाती है. जिसकी थी उसी की. ED जिस संपत्ति को अटैच कर रही है, उस मामले की अदालत में सुनवाई जारी रहने के दौरान आरोपी उस संपत्ति का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन फाइनल फैसला कोर्ट का ही होता है कि प्रॉपर्टी किसके पास जाएगी.